24 सितम्बर 2026 का पंचांग

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24 सितम्बर 2026 की तिथित्रयोदशी

शुक्ल पक्ष

24 सितम्बर 2026गुरुवारभाद्रपद मास

आज 24 सितम्बर 2026 (गुरुवार) को त्रयोदशी, शुक्ल पक्ष है। चंद्रमा धनिष्ठा नक्षत्र में है, योग धृति और करण कौलव है। यह भाद्रपद मास, विक्रम संवत 2083 की तिथि है।

हिंदू पंचांग में तिथि सबसे महत्वपूर्ण अंग है। व्रत, उपवास, पूजा, मांगलिक कार्य और त्योहार — सब तिथि के अनुसार निर्धारित होते हैं। चंद्रमा और सूर्य के बीच 12 अंश के अंतर को एक तिथि कहते हैं।

महत्वपूर्ण समय

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🌙

तिथि प्रारंभ

11:00 PM

🌙

तिथि समाप्ति

11:26 PM

🌅

सूर्योदय

06:11 AM

🌙

चंद्रोदय

02:50 PM

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आज का विशेष मंत्र

त्रयोदशीभगवान शिव

ॐ नमः शिवाय

इस मंत्र का 108 बार जाप करें — मन शांत, जीवन में शुभ फल की प्राप्ति होगी

आज का पूरा पंचांग विवरण

🌙
तिथि
त्रयोदशी (शुक्ल पक्ष)
📅
मास
भाद्रपद मास
🗓️
संवत्
वि.सं. 2083
📿
वार
गुरुवार
नक्षत्र
धनिष्ठा
🌿
योग
धृति
🔁
करण
कौलव
🌙
चंद्र राशि
कुंभ
☀️
सूर्य राशि
कन्या
🌟
नक्षत्र देवता
अष्टवसु

🌗 त्रयोदशी तिथि का महत्व

🌗

अधिष्ठाता देव

भगवान शिव (प्रदोष)

त्रयोदशी प्रदोष व्रत की तिथि है। सूर्यास्त के समय शिव-पार्वती की उपासना से मनोवांछित फल और मोक्ष प्राप्त होता है।

🙏 व्रत / पर्व

प्रदोष व्रत (शिव पूजा सूर्यास्त समय)

✅ आज क्या करें

शिव-पार्वती पूजा, प्रदोष काल में रुद्राभिषेक, सफेद फूल अर्पण

⚠️ आज से बचें

तामसिक भोजन, व्यसन

📅 24 सितम्बर 2026 से 15 दिनों की तिथियां

दिनांकवारतिथि
24 सितम्बर 2026चुनागुरुवार🌖 त्रयोदशी
25 सितम्बर 2026शुक्रवार🌖 चतुर्दशी
26 सितम्बर 2026शनिवार🌕 पूर्णिमापूर्णिमा
27 सितम्बर 2026रविवार🌗 प्रतिपदा
28 सितम्बर 2026सोमवार🌗 द्वितीया
29 सितम्बर 2026मंगलवार🌗 तृतीया
30 सितम्बर 2026बुधवार🌗 चतुर्थीविशेष
1 अक्टूबर 2026गुरुवार🌘 पंचमी
2 अक्टूबर 2026शुक्रवार🌘 षष्ठी
3 अक्टूबर 2026शनिवार🌘 सप्तमी
4 अक्टूबर 2026रविवार🌘 नवमी
5 अक्टूबर 2026सोमवार🌒 दशमी
6 अक्टूबर 2026मंगलवार🌒 एकादशीएकादशी
7 अक्टूबर 2026बुधवार🌒 द्वादशी
8 अक्टूबर 2026गुरुवार🌒 त्रयोदशी

🌙 30 तिथियों का परिचय

☀️ शुक्ल पक्ष (1–15)

🌒1. प्रतिपदा
🌒2. द्वितीया
🌓3. तृतीया
🌓4. चतुर्थी
🌔5. पंचमी
🌔6. षष्ठी
🌔7. सप्तमी
🌕8. अष्टमी
🌕9. नवमी
🌕10. दशमी
🌖11. एकादशी
🌖12. द्वादशी
🌗13. त्रयोदशीचुना
🌘14. चतुर्दशी
🌕15. पूर्णिमा

🌑 कृष्ण पक्ष (1–15)

🌖1. प्रतिपदा
🌗2. द्वितीया
🌗3. तृतीया
🌗4. चतुर्थी
🌘5. पंचमी
🌘6. षष्ठी
🌘7. सप्तमी
🌑8. अष्टमी
🌑9. नवमी
🌑10. दशमी
🌑11. एकादशी
🌒12. द्वादशी
🌒13. त्रयोदशी
🌒14. चतुर्दशी
🌑15. अमावस्या

📖 आज की तिथि के बारे में

🌙 तिथि क्या है?

एक चंद्र मास में 30 तिथियाँ होती हैं — 15 शुक्ल पक्ष में (चंद्रमा बढ़ता है) और 15 कृष्ण पक्ष में (चंद्रमा घटता है)। शुक्ल पक्ष प्रतिपदा से पूर्णिमा तक और कृष्ण पक्ष प्रतिपदा से अमावस्या तक होता है। प्रत्येक तिथि का अपना स्वामी देवता और विशेष महत्व होता है।

🙏 तिथि देखना क्यों ज़रूरी है?

कोई भी शुभ कार्य — विवाह, गृहप्रवेश, व्रत, मुंडन — सही तिथि पर करने से शुभ फल मिलता है। एकादशी, पूर्णिमा, अमावस्या जैसी तिथियाँ विशेष पुण्यदायी मानी जाती हैं। इसलिए प्रतिदिन की तिथि जानना हर हिंदू के लिए उपयोगी है।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

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पूरा पंचांग देखें

शुभ मुहूर्त, चोघड़िया, राशिफल और ग्रह स्थिति की पूरी जानकारी के लिए