24 अगस्त 2026 का पंचांग

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24 अगस्त 2026 की तिथिद्वादशी

शुक्ल पक्ष

24 अगस्त 2026सोमवारश्रावण मास

आज 24 अगस्त 2026 (सोमवार) को द्वादशी, शुक्ल पक्ष है। चंद्रमा पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में है, योग प्रीति और करण बव है। यह श्रावण मास, विक्रम संवत 2083 की तिथि है।

हिंदू पंचांग में तिथि सबसे महत्वपूर्ण अंग है। व्रत, उपवास, पूजा, मांगलिक कार्य और त्योहार — सब तिथि के अनुसार निर्धारित होते हैं। चंद्रमा और सूर्य के बीच 12 अंश के अंतर को एक तिथि कहते हैं।

महत्वपूर्ण समय

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🌙

तिथि प्रारंभ

04:23 AM

🌙

तिथि समाप्ति

06:29 AM

🌅

सूर्योदय

05:55 AM

🌙

चंद्रोदय

01:41 PM

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आज का विशेष मंत्र

द्वादशीवामन भगवान

ॐ नमो भगवते वामनाय नमः

इस मंत्र का 108 बार जाप करें — मन शांत, जीवन में शुभ फल की प्राप्ति होगी

आज का पूरा पंचांग विवरण

🌙
तिथि
द्वादशी (शुक्ल पक्ष)
📅
मास
श्रावण मास
🗓️
संवत्
वि.सं. 2083
📿
वार
सोमवार
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा
🌿
योग
प्रीति
🔁
करण
बव
🌙
चंद्र राशि
धनु
☀️
सूर्य राशि
सिंह
🌟
नक्षत्र देवता
जल

🌖 द्वादशी तिथि का महत्व

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अधिष्ठाता देव

भगवान विष्णु (वामन)

द्वादशी भगवान विष्णु के वामन अवतार को समर्पित है। एकादशी व्रत का पारण इसी तिथि में किया जाता है।

🙏 व्रत / पर्व

वैकुंठ द्वादशी, गोविंद द्वादशी, एकादशी पारण

✅ आज क्या करें

व्रत पारण, विष्णु पूजा, ब्राह्मण भोजन, दान

⚠️ आज से बचें

व्रत पारण में देरी करना

📅 24 अगस्त 2026 से 15 दिनों की तिथियां

दिनांकवारतिथि
24 अगस्त 2026चुनासोमवार🌖 द्वादशी
25 अगस्त 2026मंगलवार🌖 द्वादशी
26 अगस्त 2026बुधवार🌖 त्रयोदशी
27 अगस्त 2026गुरुवार🌖 चतुर्दशी
28 अगस्त 2026शुक्रवार🌕 पूर्णिमापूर्णिमा
29 अगस्त 2026शनिवार🌗 प्रतिपदा
30 अगस्त 2026रविवार🌗 द्वितीया
31 अगस्त 2026सोमवार🌗 तृतीया
1 सितम्बर 2026मंगलवार🌗 चतुर्थीविशेष
2 सितम्बर 2026बुधवार🌘 पंचमी
3 सितम्बर 2026गुरुवार🌘 सप्तमी
4 सितम्बर 2026शुक्रवार🌘 अष्टमी
5 सितम्बर 2026शनिवार🌘 नवमी
6 सितम्बर 2026रविवार🌒 दशमी
7 सितम्बर 2026सोमवार🌒 एकादशीएकादशी

🌙 30 तिथियों का परिचय

☀️ शुक्ल पक्ष (1–15)

🌒1. प्रतिपदा
🌒2. द्वितीया
🌓3. तृतीया
🌓4. चतुर्थी
🌔5. पंचमी
🌔6. षष्ठी
🌔7. सप्तमी
🌕8. अष्टमी
🌕9. नवमी
🌕10. दशमी
🌖11. एकादशी
🌖12. द्वादशीचुना
🌗13. त्रयोदशी
🌘14. चतुर्दशी
🌕15. पूर्णिमा

🌑 कृष्ण पक्ष (1–15)

🌖1. प्रतिपदा
🌗2. द्वितीया
🌗3. तृतीया
🌗4. चतुर्थी
🌘5. पंचमी
🌘6. षष्ठी
🌘7. सप्तमी
🌑8. अष्टमी
🌑9. नवमी
🌑10. दशमी
🌑11. एकादशी
🌒12. द्वादशी
🌒13. त्रयोदशी
🌒14. चतुर्दशी
🌑15. अमावस्या

📖 आज की तिथि के बारे में

🌙 तिथि क्या है?

एक चंद्र मास में 30 तिथियाँ होती हैं — 15 शुक्ल पक्ष में (चंद्रमा बढ़ता है) और 15 कृष्ण पक्ष में (चंद्रमा घटता है)। शुक्ल पक्ष प्रतिपदा से पूर्णिमा तक और कृष्ण पक्ष प्रतिपदा से अमावस्या तक होता है। प्रत्येक तिथि का अपना स्वामी देवता और विशेष महत्व होता है।

🙏 तिथि देखना क्यों ज़रूरी है?

कोई भी शुभ कार्य — विवाह, गृहप्रवेश, व्रत, मुंडन — सही तिथि पर करने से शुभ फल मिलता है। एकादशी, पूर्णिमा, अमावस्या जैसी तिथियाँ विशेष पुण्यदायी मानी जाती हैं। इसलिए प्रतिदिन की तिथि जानना हर हिंदू के लिए उपयोगी है।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

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पूरा पंचांग देखें

शुभ मुहूर्त, चोघड़िया, राशिफल और ग्रह स्थिति की पूरी जानकारी के लिए