10 अगस्त 2026 का पंचांग

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10 अगस्त 2026 की तिथिद्वादशी

कृष्ण पक्ष

10 अगस्त 2026सोमवारआषाढ़ मास

आज 10 अगस्त 2026 (सोमवार) को द्वादशी, कृष्ण पक्ष है। चंद्रमा आर्द्रा नक्षत्र में है, योग वज्र और करण तैतिल है। यह आषाढ़ मास, विक्रम संवत 2083 की तिथि है।

हिंदू पंचांग में तिथि सबसे महत्वपूर्ण अंग है। व्रत, उपवास, पूजा, मांगलिक कार्य और त्योहार — सब तिथि के अनुसार निर्धारित होते हैं। चंद्रमा और सूर्य के बीच 12 अंश के अंतर को एक तिथि कहते हैं।

महत्वपूर्ण समय

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🌙

तिथि प्रारंभ

11:11 AM

🌙

तिथि समाप्ति

10:36 AM

🌅

सूर्योदय

05:48 AM

🌙

चंद्रोदय

12:58 AM

🕉

आज का विशेष मंत्र

द्वादशीभगवान विष्णु

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय

इस मंत्र का 108 बार जाप करें — मन शांत, जीवन में शुभ फल की प्राप्ति होगी

आज का पूरा पंचांग विवरण

🌙
तिथि
द्वादशी (कृष्ण पक्ष)
📅
मास
आषाढ़ मास
🗓️
संवत्
वि.सं. 2083
📿
वार
सोमवार
नक्षत्र
आर्द्रा
🌿
योग
वज्र
🔁
करण
तैतिल
🌙
चंद्र राशि
मिथुन
☀️
सूर्य राशि
कर्क
🌟
नक्षत्र देवता
रुद्र

🌒 द्वादशी तिथि का महत्व

🌒

अधिष्ठाता देव

भगवान विष्णु

कृष्ण द्वादशी में एकादशी व्रत का पारण होता है। समय पर पारण करना अत्यंत आवश्यक है।

🙏 व्रत / पर्व

एकादशी पारण

✅ आज क्या करें

व्रत पारण, ब्राह्मण भोजन, विष्णु पूजा

⚠️ आज से बचें

पारण में अनुचित देरी

📅 10 अगस्त 2026 से 15 दिनों की तिथियां

दिनांकवारतिथि
10 अगस्त 2026चुनासोमवार🌒 द्वादशी
11 अगस्त 2026मंगलवार🌒 चतुर्दशी
12 अगस्त 2026बुधवार🌑 अमावस्याअमावस्या
13 अगस्त 2026गुरुवार🌒 प्रतिपदा
14 अगस्त 2026शुक्रवार🌒 द्वितीया
15 अगस्त 2026शनिवार🌓 तृतीया
16 अगस्त 2026रविवार🌓 चतुर्थीविशेष
17 अगस्त 2026सोमवार🌔 पंचमी
18 अगस्त 2026मंगलवार🌔 षष्ठी
19 अगस्त 2026बुधवार🌔 सप्तमी
20 अगस्त 2026गुरुवार🌕 अष्टमी
21 अगस्त 2026शुक्रवार🌕 नवमी
22 अगस्त 2026शनिवार🌖 दशमी
23 अगस्त 2026रविवार🌖 एकादशीएकादशी
24 अगस्त 2026सोमवार🌖 द्वादशी

🌙 30 तिथियों का परिचय

☀️ शुक्ल पक्ष (1–15)

🌒1. प्रतिपदा
🌒2. द्वितीया
🌓3. तृतीया
🌓4. चतुर्थी
🌔5. पंचमी
🌔6. षष्ठी
🌔7. सप्तमी
🌕8. अष्टमी
🌕9. नवमी
🌕10. दशमी
🌖11. एकादशी
🌖12. द्वादशी
🌗13. त्रयोदशी
🌘14. चतुर्दशी
🌕15. पूर्णिमा

🌑 कृष्ण पक्ष (1–15)

🌖1. प्रतिपदा
🌗2. द्वितीया
🌗3. तृतीया
🌗4. चतुर्थी
🌘5. पंचमी
🌘6. षष्ठी
🌘7. सप्तमी
🌑8. अष्टमी
🌑9. नवमी
🌑10. दशमी
🌑11. एकादशी
🌒12. द्वादशीचुना
🌒13. त्रयोदशी
🌒14. चतुर्दशी
🌑15. अमावस्या

📖 आज की तिथि के बारे में

🌙 तिथि क्या है?

एक चंद्र मास में 30 तिथियाँ होती हैं — 15 शुक्ल पक्ष में (चंद्रमा बढ़ता है) और 15 कृष्ण पक्ष में (चंद्रमा घटता है)। शुक्ल पक्ष प्रतिपदा से पूर्णिमा तक और कृष्ण पक्ष प्रतिपदा से अमावस्या तक होता है। प्रत्येक तिथि का अपना स्वामी देवता और विशेष महत्व होता है।

🙏 तिथि देखना क्यों ज़रूरी है?

कोई भी शुभ कार्य — विवाह, गृहप्रवेश, व्रत, मुंडन — सही तिथि पर करने से शुभ फल मिलता है। एकादशी, पूर्णिमा, अमावस्या जैसी तिथियाँ विशेष पुण्यदायी मानी जाती हैं। इसलिए प्रतिदिन की तिथि जानना हर हिंदू के लिए उपयोगी है।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

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पूरा पंचांग देखें

शुभ मुहूर्त, चोघड़िया, राशिफल और ग्रह स्थिति की पूरी जानकारी के लिए