1 अगस्त 2026 का पंचांग
1 अगस्त 2026 की तिथि — तृतीया
कृष्ण पक्ष
1 अगस्त 2026 • शनिवार • श्रावण मास
आज 1 अगस्त 2026 (शनिवार) को तृतीया, कृष्ण पक्ष है। चंद्रमा शतभिषा नक्षत्र में है, योग शोभन और करण वणिज है। यह श्रावण मास, विक्रम संवत 2083 की तिथि है।
हिंदू पंचांग में तिथि सबसे महत्वपूर्ण अंग है। व्रत, उपवास, पूजा, मांगलिक कार्य और त्योहार — सब तिथि के अनुसार निर्धारित होते हैं। चंद्रमा और सूर्य के बीच 12 अंश के अंतर को एक तिथि कहते हैं।
⏰ महत्वपूर्ण समय
⏳ लोकेशन खोज रहे हैं...
तिथि प्रारंभ
10:39 PM
तिथि समाप्ति
11:13 PM
सूर्योदय
05:43 AM
चंद्रोदय
06:59 PM
आज का विशेष मंत्र
तृतीया — माँ उमा
ॐ उमायै नमः
इस मंत्र का 108 बार जाप करें — मन शांत, जीवन में शुभ फल की प्राप्ति होगी
आज का पूरा पंचांग विवरण
🌗 तृतीया तिथि का महत्व
अधिष्ठाता देव
माँ गौरी
कृष्ण तृतीया सौभाग्य की तिथि है। माँ गौरी की उपासना से घर में सुख-शांति और सौभाग्य बना रहता है।
🙏 व्रत / पर्व
अखा तीज (वैशाख शुक्ल, विशेष)
✅ आज क्या करें
पूजा-अर्चना, दान, माँ पार्वती स्तुति
⚠️ आज से बचें
झगड़ा, कठोर वाणी
📅 1 अगस्त 2026 से 15 दिनों की तिथियां
| दिनांक | वार | तिथि |
|---|---|---|
| 1 अगस्त 2026चुना | शनिवार | 🌗 तृतीया |
| 2 अगस्त 2026 | रविवार | 🌗 चतुर्थीविशेष |
| 3 अगस्त 2026 | सोमवार | 🌘 पंचमी |
| 4 अगस्त 2026 | मंगलवार | 🌘 षष्ठी |
| 5 अगस्त 2026 | बुधवार | 🌘 सप्तमी |
| 6 अगस्त 2026 | गुरुवार | 🌘 अष्टमी |
| 7 अगस्त 2026 | शुक्रवार | 🌘 नवमी |
| 8 अगस्त 2026 | शनिवार | 🌒 दशमी |
| 9 अगस्त 2026 | रविवार | 🌒 एकादशीएकादशी |
| 10 अगस्त 2026 | सोमवार | 🌒 द्वादशी |
| 11 अगस्त 2026 | मंगलवार | 🌒 चतुर्दशी |
| 12 अगस्त 2026 | बुधवार | 🌑 अमावस्याअमावस्या |
| 13 अगस्त 2026 | गुरुवार | 🌒 प्रतिपदा |
| 14 अगस्त 2026 | शुक्रवार | 🌒 द्वितीया |
| 15 अगस्त 2026 | शनिवार | 🌓 तृतीया |
🌙 30 तिथियों का परिचय
☀️ शुक्ल पक्ष (1–15)
🌑 कृष्ण पक्ष (1–15)
📖 आज की तिथि के बारे में
🌙 तिथि क्या है?
एक चंद्र मास में 30 तिथियाँ होती हैं — 15 शुक्ल पक्ष में (चंद्रमा बढ़ता है) और 15 कृष्ण पक्ष में (चंद्रमा घटता है)। शुक्ल पक्ष प्रतिपदा से पूर्णिमा तक और कृष्ण पक्ष प्रतिपदा से अमावस्या तक होता है। प्रत्येक तिथि का अपना स्वामी देवता और विशेष महत्व होता है।
🙏 तिथि देखना क्यों ज़रूरी है?
कोई भी शुभ कार्य — विवाह, गृहप्रवेश, व्रत, मुंडन — सही तिथि पर करने से शुभ फल मिलता है। एकादशी, पूर्णिमा, अमावस्या जैसी तिथियाँ विशेष पुण्यदायी मानी जाती हैं। इसलिए प्रतिदिन की तिथि जानना हर हिंदू के लिए उपयोगी है।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पूरा पंचांग देखें
शुभ मुहूर्त, चोघड़िया, राशिफल और ग्रह स्थिति की पूरी जानकारी के लिए