28 जुलाई 2026 का पंचांग
28 जुलाई 2026 की तिथि — चतुर्दशी
शुक्ल पक्ष
28 जुलाई 2026 • मंगलवार • श्रावण मास
आज 28 जुलाई 2026 (मंगलवार) को चतुर्दशी, शुक्ल पक्ष है। चंद्रमा पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में है, योग विष्कुम्भ और करण वणिज है। यह श्रावण मास, विक्रम संवत 2083 की तिथि है।
हिंदू पंचांग में तिथि सबसे महत्वपूर्ण अंग है। व्रत, उपवास, पूजा, मांगलिक कार्य और त्योहार — सब तिथि के अनुसार निर्धारित होते हैं। चंद्रमा और सूर्य के बीच 12 अंश के अंतर को एक तिथि कहते हैं।
⏰ महत्वपूर्ण समय
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तिथि प्रारंभ
04:23 PM
तिथि समाप्ति
06:22 PM
सूर्योदय
05:40 AM
चंद्रोदय
03:49 PM
आज का विशेष मंत्र
चतुर्दशी — महाकाल
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्
इस मंत्र का 108 बार जाप करें — मन शांत, जीवन में शुभ फल की प्राप्ति होगी
आज का पूरा पंचांग विवरण
🌘 चतुर्दशी तिथि का महत्व
अधिष्ठाता देव
भगवान शिव (महाकाल)
चतुर्दशी मासिक शिवरात्रि की तिथि है। भगवान शिव की आराधना से पापों का नाश और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
🙏 व्रत / पर्व
मासिक शिवरात्रि, महाशिवरात्रि (फाल्गुन)
✅ आज क्या करें
शिवलिंग अभिषेक, रात्रि जागरण, महामृत्युंजय जाप, बेलपत्र अर्पण
⚠️ आज से बचें
मांसाहार, मदिरा, तामसिक भोजन
📅 28 जुलाई 2026 से 15 दिनों की तिथियां
| दिनांक | वार | तिथि |
|---|---|---|
| 28 जुलाई 2026चुना | मंगलवार | 🌖 चतुर्दशी |
| 29 जुलाई 2026 | बुधवार | 🌕 पूर्णिमापूर्णिमा |
| 30 जुलाई 2026 | गुरुवार | 🌗 प्रतिपदा |
| 31 जुलाई 2026 | शुक्रवार | 🌗 द्वितीया |
| 1 अगस्त 2026 | शनिवार | 🌗 तृतीया |
| 2 अगस्त 2026 | रविवार | 🌗 चतुर्थीविशेष |
| 3 अगस्त 2026 | सोमवार | 🌘 पंचमी |
| 4 अगस्त 2026 | मंगलवार | 🌘 षष्ठी |
| 5 अगस्त 2026 | बुधवार | 🌘 सप्तमी |
| 6 अगस्त 2026 | गुरुवार | 🌘 अष्टमी |
| 7 अगस्त 2026 | शुक्रवार | 🌘 नवमी |
| 8 अगस्त 2026 | शनिवार | 🌒 दशमी |
| 9 अगस्त 2026 | रविवार | 🌒 एकादशीएकादशी |
| 10 अगस्त 2026 | सोमवार | 🌒 द्वादशी |
| 11 अगस्त 2026 | मंगलवार | 🌒 चतुर्दशी |
🌙 30 तिथियों का परिचय
☀️ शुक्ल पक्ष (1–15)
🌑 कृष्ण पक्ष (1–15)
📖 आज की तिथि के बारे में
🌙 तिथि क्या है?
एक चंद्र मास में 30 तिथियाँ होती हैं — 15 शुक्ल पक्ष में (चंद्रमा बढ़ता है) और 15 कृष्ण पक्ष में (चंद्रमा घटता है)। शुक्ल पक्ष प्रतिपदा से पूर्णिमा तक और कृष्ण पक्ष प्रतिपदा से अमावस्या तक होता है। प्रत्येक तिथि का अपना स्वामी देवता और विशेष महत्व होता है।
🙏 तिथि देखना क्यों ज़रूरी है?
कोई भी शुभ कार्य — विवाह, गृहप्रवेश, व्रत, मुंडन — सही तिथि पर करने से शुभ फल मिलता है। एकादशी, पूर्णिमा, अमावस्या जैसी तिथियाँ विशेष पुण्यदायी मानी जाती हैं। इसलिए प्रतिदिन की तिथि जानना हर हिंदू के लिए उपयोगी है।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पूरा पंचांग देखें
शुभ मुहूर्त, चोघड़िया, राशिफल और ग्रह स्थिति की पूरी जानकारी के लिए