16 जुलाई 2026 का पंचांग
16 जुलाई 2026 की तिथि — द्वितीया
शुक्ल पक्ष
16 जुलाई 2026 • गुरुवार • श्रावण मास
आज 16 जुलाई 2026 (गुरुवार) को द्वितीया, शुक्ल पक्ष है। चंद्रमा आश्लेषा नक्षत्र में है, योग सिद्धि और करण कौलव है। यह श्रावण मास, विक्रम संवत 2083 की तिथि है।
हिंदू पंचांग में तिथि सबसे महत्वपूर्ण अंग है। व्रत, उपवास, पूजा, मांगलिक कार्य और त्योहार — सब तिथि के अनुसार निर्धारित होते हैं। चंद्रमा और सूर्य के बीच 12 अंश के अंतर को एक तिथि कहते हैं।
⏰ महत्वपूर्ण समय
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तिथि प्रारंभ
11:34 AM
तिथि समाप्ति
02:13 AM
सूर्योदय
05:34 AM
चंद्रोदय
05:24 AM
आज का विशेष मंत्र
द्वितीया — ब्रह्माजी
ॐ ब्रह्मणे नमः
इस मंत्र का 108 बार जाप करें — मन शांत, जीवन में शुभ फल की प्राप्ति होगी
आज का पूरा पंचांग विवरण
🌒 द्वितीया तिथि का महत्व
अधिष्ठाता देव
ब्रह्माजी
द्वितीया तिथि सृष्टि के निर्माता ब्रह्माजी को समर्पित है। इस दिन नए कार्य का शुभारंभ और शिक्षा के कार्य शुभ होते हैं।
🙏 व्रत / पर्व
भाई दूज (कार्तिक शुक्ल द्वितीया)
✅ आज क्या करें
नए व्यापार का आरंभ, शिक्षा प्रारंभ, दान-पुण्य
⚠️ आज से बचें
झूठ बोलना, कलह
📅 16 जुलाई 2026 से 15 दिनों की तिथियां
| दिनांक | वार | तिथि |
|---|---|---|
| 16 जुलाई 2026चुना | गुरुवार | 🌒 द्वितीया |
| 17 जुलाई 2026 | शुक्रवार | 🌓 तृतीया |
| 18 जुलाई 2026 | शनिवार | 🌔 पंचमी |
| 19 जुलाई 2026 | रविवार | 🌔 षष्ठी |
| 20 जुलाई 2026 | सोमवार | 🌔 सप्तमी |
| 21 जुलाई 2026 | मंगलवार | 🌕 अष्टमी |
| 22 जुलाई 2026 | बुधवार | 🌕 नवमी |
| 23 जुलाई 2026 | गुरुवार | 🌕 नवमी |
| 24 जुलाई 2026 | शुक्रवार | 🌖 दशमी |
| 25 जुलाई 2026 | शनिवार | 🌖 एकादशीएकादशी |
| 26 जुलाई 2026 | रविवार | 🌖 द्वादशी |
| 27 जुलाई 2026 | सोमवार | 🌖 त्रयोदशी |
| 28 जुलाई 2026 | मंगलवार | 🌖 चतुर्दशी |
| 29 जुलाई 2026 | बुधवार | 🌕 पूर्णिमापूर्णिमा |
| 30 जुलाई 2026 | गुरुवार | 🌗 प्रतिपदा |
🌙 30 तिथियों का परिचय
☀️ शुक्ल पक्ष (1–15)
🌑 कृष्ण पक्ष (1–15)
📖 आज की तिथि के बारे में
🌙 तिथि क्या है?
एक चंद्र मास में 30 तिथियाँ होती हैं — 15 शुक्ल पक्ष में (चंद्रमा बढ़ता है) और 15 कृष्ण पक्ष में (चंद्रमा घटता है)। शुक्ल पक्ष प्रतिपदा से पूर्णिमा तक और कृष्ण पक्ष प्रतिपदा से अमावस्या तक होता है। प्रत्येक तिथि का अपना स्वामी देवता और विशेष महत्व होता है।
🙏 तिथि देखना क्यों ज़रूरी है?
कोई भी शुभ कार्य — विवाह, गृहप्रवेश, व्रत, मुंडन — सही तिथि पर करने से शुभ फल मिलता है। एकादशी, पूर्णिमा, अमावस्या जैसी तिथियाँ विशेष पुण्यदायी मानी जाती हैं। इसलिए प्रतिदिन की तिथि जानना हर हिंदू के लिए उपयोगी है।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पूरा पंचांग देखें
शुभ मुहूर्त, चोघड़िया, राशिफल और ग्रह स्थिति की पूरी जानकारी के लिए