6 मई 2026 की तिथि – चतुर्थी कृष्ण पक्ष | हिंदू पंचांग - Tilak Kathayein

6 मई 2026 का पंचांग

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6 मई 2026 की तिथिचतुर्थी

कृष्ण पक्ष

6 मई 2026बुधवारवैशाख मास

आज 6 मई 2026 (बुधवार) को चतुर्थी, कृष्ण पक्ष है। चंद्रमा मूल नक्षत्र में है, योग सिद्ध और करण बालव है। यह वैशाख मास, विक्रम संवत 2083 की तिथि है।

हिंदू पंचांग में तिथि सबसे महत्वपूर्ण अंग है। व्रत, उपवास, पूजा, मांगलिक कार्य और त्योहार — सब तिथि के अनुसार निर्धारित होते हैं। चंद्रमा और सूर्य के बीच 12 अंश के अंतर को एक तिथि कहते हैं।

महत्वपूर्ण समय

⏳ लोकेशन खोज रहे हैं...

🌙

तिथि प्रारंभ

05:29 AM

🌙

तिथि समाप्ति

08:54 AM

🌅

सूर्योदय

05:37 AM

🌙

चंद्रोदय

08:18 PM

🕉

आज का विशेष मंत्र

चतुर्थीगणपति

ॐ गं गणपतये नमः

इस मंत्र का 108 बार जाप करें — मन शांत, जीवन में शुभ फल की प्राप्ति होगी

आज का पूरा पंचांग विवरण

🌙
तिथि
चतुर्थी (कृष्ण पक्ष)
📅
मास
वैशाख मास
🗓️
संवत्
वि.सं. 2083
📿
वार
बुधवार
नक्षत्र
मूल
🌿
योग
सिद्ध
🔁
करण
बालव
🌙
चंद्र राशि
धनु
☀️
सूर्य राशि
मेष
🌟
नक्षत्र देवता
निर्ऋति

🌗 चतुर्थी तिथि का महत्व

🌗

अधिष्ठाता देव

भगवान गणेश

कृष्ण चतुर्थी में संकष्टी चतुर्थी का विशेष महत्व है। रात को चंद्रमा के दर्शन करने के बाद व्रत तोड़ा जाता है।

🙏 व्रत / पर्व

संकष्टी चतुर्थी व्रत (चंद्र दर्शन के साथ)

✅ आज क्या करें

गणेश पूजा, रात को चंद्र दर्शन, मोदक भोग

⚠️ आज से बचें

क्रोध, असत्य वचन

📅 6 मई 2026 से 15 दिनों की तिथियां

दिनांकवारतिथि
6 मई 2026चुनाबुधवार🌗 चतुर्थीविशेष
7 मई 2026गुरुवार🌘 पंचमी
8 मई 2026शुक्रवार🌘 षष्ठी
9 मई 2026शनिवार🌘 सप्तमी
10 मई 2026रविवार🌘 अष्टमी
11 मई 2026सोमवार🌘 नवमी
12 मई 2026मंगलवार🌒 दशमी
13 मई 2026बुधवार🌒 एकादशीएकादशी
14 मई 2026गुरुवार🌒 द्वादशी
15 मई 2026शुक्रवार🌒 त्रयोदशी
16 मई 2026शनिवार🌑 अमावस्याअमावस्या
17 मई 2026रविवार🌒 प्रतिपदा
18 मई 2026सोमवार🌒 द्वितीया
19 मई 2026मंगलवार🌓 तृतीया
20 मई 2026बुधवार🌓 चतुर्थीविशेष

🌙 30 तिथियों का परिचय

☀️ शुक्ल पक्ष (1–15)

🌒1. प्रतिपदा
🌒2. द्वितीया
🌓3. तृतीया
🌓4. चतुर्थी
🌔5. पंचमी
🌔6. षष्ठी
🌔7. सप्तमी
🌕8. अष्टमी
🌕9. नवमी
🌕10. दशमी
🌖11. एकादशी
🌖12. द्वादशी
🌗13. त्रयोदशी
🌘14. चतुर्दशी
🌕15. पूर्णिमा

🌑 कृष्ण पक्ष (1–15)

🌖1. प्रतिपदा
🌗2. द्वितीया
🌗3. तृतीया
🌗4. चतुर्थीचुना
🌘5. पंचमी
🌘6. षष्ठी
🌘7. सप्तमी
🌑8. अष्टमी
🌑9. नवमी
🌑10. दशमी
🌑11. एकादशी
🌒12. द्वादशी
🌒13. त्रयोदशी
🌒14. चतुर्दशी
🌑15. अमावस्या

📖 आज की तिथि के बारे में

🌙 तिथि क्या है?

एक चंद्र मास में 30 तिथियाँ होती हैं — 15 शुक्ल पक्ष में (चंद्रमा बढ़ता है) और 15 कृष्ण पक्ष में (चंद्रमा घटता है)। शुक्ल पक्ष प्रतिपदा से पूर्णिमा तक और कृष्ण पक्ष प्रतिपदा से अमावस्या तक होता है। प्रत्येक तिथि का अपना स्वामी देवता और विशेष महत्व होता है।

🙏 तिथि देखना क्यों ज़रूरी है?

कोई भी शुभ कार्य — विवाह, गृहप्रवेश, व्रत, मुंडन — सही तिथि पर करने से शुभ फल मिलता है। एकादशी, पूर्णिमा, अमावस्या जैसी तिथियाँ विशेष पुण्यदायी मानी जाती हैं। इसलिए प्रतिदिन की तिथि जानना हर हिंदू के लिए उपयोगी है।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

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पूरा पंचांग देखें

शुभ मुहूर्त, चोघड़िया, राशिफल और ग्रह स्थिति की पूरी जानकारी के लिए