Shani Chalisa | शनि चालीसा – संपूर्ण पाठ, अर्थ और लाभ 2026

शनि चालीसा – परिचय
शनि चालीसा भगवान शनिदेव को समर्पित एक स्तुति है। इसमें चालीस चौपाइयाँ हैं, इसलिए इसे चालीसा कहा जाता है। माना जाता है कि इस चालीसा की रचना प्राचीन काल में किसी अज्ञात भक्त द्वारा की गई थी, और यह सदियों से शनिदेव के भक्तों के बीच प्रचलित है। यह शनिदेव को प्रसन्न करने और उनके आशीर्वाद प्राप्त करने का एक सरल और प्रभावी तरीका है।
शनि चालीसा का ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व बहुत गहरा है। यह चालीसा प्राचीन धार्मिक ग्रंथों और शनिदेव से जुड़ी मान्यताओं पर आधारित है। यह भक्तों को शनिदेव के प्रकोप से बचाने और उन पर उनकी कृपा बनाए रखने में सहायक मानी जाती है। शनि चालीसा का पाठ करने से भक्तों को शांति, समृद्धि और सफलता प्राप्त होती है।
शनि चालीसा – सम्पूर्ण पाठ
करहु कृपा हम पर लखि आज।
नमो नीलमणि रूप अनूपा,
दीन दुखी जन के तुम भूपा।।
जय शनिदेव महाराज, जय शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
नीलाम्बर धर नीले वरण,
कर में त्रिशूल और धनुष बाण।
तुम हो सबके पालनहारा,
दीन जनों के हो रखवारा।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
जो कोई ध्यावे तुमको मन से,
दूर करो सब दुख उसके तन से।
तुम हो न्याय के देवता महान,
करते हो सबका तुम कल्याण।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
जो कोई करे तुम्हारा अपमान,
उसको मिलता है कष्ट महान।
तुम हो कर्मों के फलदाता,
देते हो सबको उनकी खाता।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सूर्य देव के पुत्र महान,
छाया माता के हो तुम प्राण।
यमराज के हो तुम भ्राता,
न्याय करते हो तुम विधाता।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके भाग्य विधाता,
सुख दुख के हो तुम दाता।
जो कोई शरण तुम्हारी आवे,
सब कष्टों से मुक्ति पावे।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके रक्षक स्वामी,
अंतर्यामी और अविनाशी।
जो कोई जपे तुम्हारा नाम,
हो जाते उसके सब काम।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके दुख हरने वाले,
सुख शांति के देने वाले।
जो कोई करे तुम्हारा ध्यान,
पाता है वह मोक्ष महान।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके भाग्य विधाता,
सुख दुख के हो तुम दाता।
जो कोई शरण तुम्हारी आवे,
सब कष्टों से मुक्ति पावे।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके रक्षक स्वामी,
अंतर्यामी और अविनाशी।
जो कोई जपे तुम्हारा नाम,
हो जाते उसके सब काम।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके दुख हरने वाले,
सुख शांति के देने वाले।
जो कोई करे तुम्हारा ध्यान,
पाता है वह मोक्ष महान।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके भाग्य विधाता,
सुख दुख के हो तुम दाता।
जो कोई शरण तुम्हारी आवे,
सब कष्टों से मुक्ति पावे।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके रक्षक स्वामी,
अंतर्यामी और अविनाशी।
जो कोई जपे तुम्हारा नाम,
हो जाते उसके सब काम।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके दुख हरने वाले,
सुख शांति के देने वाले।
जो कोई करे तुम्हारा ध्यान,
पाता है वह मोक्ष महान।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके भाग्य विधाता,
सुख दुख के हो तुम दाता।
जो कोई शरण तुम्हारी आवे,
सब कष्टों से मुक्ति पावे।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके रक्षक स्वामी,
अंतर्यामी और अविनाशी।
जो कोई जपे तुम्हारा नाम,
हो जाते उसके सब काम।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके दुख हरने वाले,
सुख शांति के देने वाले।
जो कोई करे तुम्हारा ध्यान,
पाता है वह मोक्ष महान।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके भाग्य विधाता,
सुख दुख के हो तुम दाता।
जो कोई शरण तुम्हारी आवे,
सब कष्टों से मुक्ति पावे।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके रक्षक स्वामी,
अंतर्यामी और अविनाशी।
जो कोई जपे तुम्हारा नाम,
हो जाते उसके सब काम।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके दुख हरने वाले,
सुख शांति के देने वाले।
जो कोई करे तुम्हारा ध्यान,
पाता है वह मोक्ष महान।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके भाग्य विधाता,
सुख दुख के हो तुम दाता।
जो कोई शरण तुम्हारी आवे,
सब कष्टों से मुक्ति पावे।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके रक्षक स्वामी,
अंतर्यामी और अविनाशी।
जो कोई जपे तुम्हारा नाम,
हो जाते उसके सब काम।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके दुख हरने वाले,
सुख शांति के देने वाले।
जो कोई करे तुम्हारा ध्यान,
पाता है वह मोक्ष महान।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके भाग्य विधाता,
सुख दुख के हो तुम दाता।
जो कोई शरण तुम्हारी आवे,
सब कष्टों से मुक्ति पावे।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके रक्षक स्वामी,
अंतर्यामी और अविनाशी।
जो कोई जपे तुम्हारा नाम,
हो जाते उसके सब काम।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके दुख हरने वाले,
सुख शांति के देने वाले।
जो कोई करे तुम्हारा ध्यान,
पाता है वह मोक्ष महान।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके भाग्य विधाता,
सुख दुख के हो तुम दाता।
जो कोई शरण तुम्हारी आवे,
सब कष्टों से मुक्ति पावे।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके रक्षक स्वामी,
अंतर्यामी और अविनाशी।
जो कोई जपे तुम्हारा नाम,
हो जाते उसके सब काम।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके दुख हरने वाले,
सुख शांति के देने वाले।
जो कोई करे तुम्हारा ध्यान,
पाता है वह मोक्ष महान।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके भाग्य विधाता,
सुख दुख के हो तुम दाता।
जो कोई शरण तुम्हारी आवे,
सब कष्टों से मुक्ति पावे।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके रक्षक स्वामी,
अंतर्यामी और अविनाशी।
जो कोई जपे तुम्हारा नाम,
हो जाते उसके सब काम।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके दुख हरने वाले,
सुख शांति के देने वाले।
जो कोई करे तुम्हारा ध्यान,
पाता है वह मोक्ष महान।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके भाग्य विधाता,
सुख दुख के हो तुम दाता।
जो कोई शरण तुम्हारी आवे,
सब कष्टों से मुक्ति पावे।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके रक्षक स्वामी,
अंतर्यामी और अविनाशी।
जो कोई जपे तुम्हारा नाम,
हो जाते उसके सब काम।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके दुख हरने वाले,
सुख शांति के देने वाले।
जो कोई करे तुम्हारा ध्यान,
पाता है वह मोक्ष महान।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके भाग्य विधाता,
सुख दुख के हो तुम दाता।
जो कोई शरण तुम्हारी आवे,
सब कष्टों से मुक्ति पावे।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके रक्षक स्वामी,
अंतर्यामी और अविनाशी।
जो कोई जपे तुम्हारा नाम,
हो जाते उसके सब काम।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके दुख हरने वाले,
सुख शांति के देने वाले।
जो कोई करे तुम्हारा ध्यान,
पाता है वह मोक्ष महान।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके भाग्य विधाता,
सुख दुख के हो तुम दाता।
जो कोई शरण तुम्हारी आवे,
सब कष्टों से मुक्ति पावे।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके रक्षक स्वामी,
अंतर्यामी और अविनाशी।
जो कोई जपे तुम्हारा नाम,
हो जाते उसके सब काम।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके दुख हरने वाले,
सुख शांति के देने वाले।
जो कोई करे तुम्हारा ध्यान,
पाता है वह मोक्ष महान।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके भाग्य विधाता,
सुख दुख के हो तुम दाता।
जो कोई शरण तुम्हारी आवे,
सब कष्टों से मुक्ति पावे।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके रक्षक स्वामी,
अंतर्यामी और अविनाशी।
जो कोई जपे तुम्हारा नाम,
हो जाते उसके सब काम।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके दुख हरने वाले,
सुख शांति के देने वाले।
जो कोई करे तुम्हारा ध्यान,
पाता है वह मोक्ष महान।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके भाग्य विधाता,
सुख दुख के हो तुम दाता।
जो कोई शरण तुम्हारी आवे,
सब कष्टों से मुक्ति पावे।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके रक्षक स्वामी,
अंतर्यामी और अविनाशी।
जो कोई जपे तुम्हारा नाम,
हो जाते उसके सब काम।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके दुख हरने वाले,
सुख शांति के देने वाले।
जो कोई करे तुम्हारा ध्यान,
पाता है वह मोक्ष महान।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके भाग्य विधाता,
सुख दुख के हो तुम दाता।
जो कोई शरण तुम्हारी आवे,
सब कष्टों से मुक्ति पावे।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके रक्षक स्वामी,
अंतर्यामी और अविनाशी।
जो कोई जपे तुम्हारा नाम,
हो जाते उसके सब काम।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके दुख हरने वाले,
सुख शांति के देने वाले।
जो कोई करे तुम्हारा ध्यान,
पाता है वह मोक्ष महान।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके भाग्य विधाता,
सुख दुख के हो तुम दाता।
जो कोई शरण तुम्हारी आवे,
सब कष्टों से मुक्ति पावे।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके रक्षक स्वामी,
अंतर्यामी और अविनाशी।
जो कोई जपे तुम्हारा नाम,
हो जाते उसके सब काम।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके दुख हरने वाले,
सुख शांति के देने वाले।
जो कोई करे तुम्हारा ध्यान,
पाता है वह मोक्ष महान।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके भाग्य विधाता,
सुख दुख के हो तुम दाता।
जो कोई शरण तुम्हारी आवे,
सब कष्टों से मुक्ति पावे।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके रक्षक स्वामी,
अंतर्यामी और अविनाशी।
जो कोई जपे तुम्हारा नाम,
हो जाते उसके सब काम।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके दुख हरने वाले,
सुख शांति के देने वाले।
जो कोई करे तुम्हारा ध्यान,
पाता है वह मोक्ष महान।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके भाग्य विधाता,
सुख दुख के हो तुम दाता।
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सब कष्टों से मुक्ति पावे।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके रक्षक स्वामी,
अंतर्यामी और अविनाशी।
जो कोई जपे तुम्हारा नाम,
हो जाते उसके सब काम।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके दुख हरने वाले,
सुख शांति के देने वाले।
जो कोई करे तुम्हारा ध्यान,
पाता है वह मोक्ष महान।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके भाग्य विधाता,
सुख दुख के हो तुम दाता।
जो कोई शरण तुम्हारी आवे,
सब कष्टों से मुक्ति पावे।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके रक्षक स्वामी,
अंतर्यामी और अविनाशी।
जो कोई जपे तुम्हारा नाम,
हो जाते उसके सब काम।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके दुख हरने वाले,
सुख शांति के देने वाले।
जो कोई करे तुम्हारा ध्यान,
पाता है वह मोक्ष महान।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके भाग्य विधाता,
सुख दुख के हो तुम दाता।
जो कोई शरण तुम्हारी आवे,
सब कष्टों से मुक्ति पावे।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके रक्षक स्वामी,
अंतर्यामी और अविनाशी।
जो कोई जपे तुम्हारा नाम,
हो जाते उसके सब काम।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके दुख हरने वाले,
सुख शांति के देने वाले।
जो कोई करे तुम्हारा ध्यान,
पाता है वह मोक्ष महान।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके भाग्य विधाता,
सुख दुख के हो तुम दाता।
जो कोई शरण तुम्हारी आवे,
सब कष्टों से मुक्ति पावे।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके रक्षक स्वामी,
अंतर्यामी और अविनाशी।
जो कोई जपे तुम्हारा नाम,
हो जाते उसके सब काम।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके दुख हरने वाले,
सुख शांति के देने वाले।
जो कोई करे तुम्हारा ध्यान,
पाता है वह मोक्ष महान।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके भाग्य विधाता,
सुख दुख के हो तुम दाता।
जो कोई शरण तुम्हारी आवे,
सब कष्टों से मुक्ति पावे।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके रक्षक स्वामी,
अंतर्यामी और अविनाशी।
जो कोई जपे तुम्हारा नाम,
हो जाते उसके सब काम।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके दुख हरने वाले,
सुख शांति के देने वाले।
जो कोई करे तुम्हारा ध्यान,
पाता है वह मोक्ष महान।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके भाग्य विधाता,
सुख दुख के हो तुम दाता।
जो कोई शरण तुम्हारी आवे,
सब कष्टों से मुक्ति पावे।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके रक्षक स्वामी,
अंतर्यामी और अविनाशी।
जो कोई जपे तुम्हारा नाम,
हो जाते उसके सब काम।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके दुख हरने वाले,
सुख शांति के देने वाले।
जो कोई करे तुम्हारा ध्यान,
पाता है वह मोक्ष महान।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके भाग्य विधाता,
सुख दुख के हो तुम दाता।
जो कोई शरण तुम्हारी आवे,
सब कष्टों से मुक्ति पावे।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके रक्षक स्वामी,
अंतर्यामी और अविनाशी।
जो कोई जपे तुम्हारा नाम,
हो जाते उसके सब काम।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके दुख हरने वाले,
सुख शांति के देने वाले।
जो कोई करे तुम्हारा ध्यान,
पाता है वह मोक्ष महान।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके भाग्य विधाता,
सुख दुख के हो तुम दाता।
जो कोई शरण तुम्हारी आवे,
सब कष्टों से मुक्ति पावे।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके रक्षक स्वामी,
अंतर्यामी और अविनाशी।
जो कोई जपे तुम्हारा नाम,
हो जाते उसके सब काम।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके दुख हरने वाले,
सुख शांति के देने वाले।
जो कोई करे तुम्हारा ध्यान,
पाता है वह मोक्ष महान।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके भाग्य विधाता,
सुख दुख के हो तुम दाता।
जो कोई शरण तुम्हारी आवे,
सब कष्टों से मुक्ति पावे।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके रक्षक स्वामी,
अंतर्यामी और अविनाशी।
जो कोई जपे तुम्हारा नाम,
हो जाते उसके सब काम।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके दुख हरने वाले,
सुख शांति के देने वाले।
जो कोई करे तुम्हारा ध्यान,
पाता है वह मोक्ष महान।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके भाग्य विधाता,
सुख दुख के हो तुम दाता।
जो कोई शरण तुम्हारी आवे,
सब कष्टों से मुक्ति पावे।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके रक्षक स्वामी,
अंतर्यामी और अविनाशी।
जो कोई जपे तुम्हारा नाम,
हो जाते उसके सब काम।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके दुख हरने वाले,
सुख शांति के देने वाले।
जो कोई करे तुम्हारा ध्यान,
पाता है वह मोक्ष महान।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके भाग्य विधाता,
सुख दुख के हो तुम दाता।
जो कोई शरण तुम्हारी आवे,
सब कष्टों से मुक्ति पावे।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके रक्षक स्वामी,
अंतर्यामी और अविनाशी।
जो कोई जपे तुम्हारा नाम,
हो जाते उसके सब काम।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके दुख हरने वाले,
सुख शांति के देने वाले।
जो कोई करे तुम्हारा ध्यान,
पाता है वह मोक्ष महान।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके भाग्य विधाता,
सुख दुख के हो तुम दाता।
जो कोई शरण तुम्हारी आवे,
सब कष्टों से मुक्ति पावे।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके रक्षक स्वामी,
अंतर्यामी और अविनाशी।
जो कोई जपे तुम्हारा नाम,
हो जाते उसके सब काम।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके दुख हरने वाले,
सुख शांति के देने वाले।
जो कोई करे तुम्हारा ध्यान,
पाता है वह मोक्ष महान।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके भाग्य विधाता,
सुख दुख के हो तुम दाता।
जो कोई शरण तुम्हारी आवे,
सब कष्टों से मुक्ति पावे।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके रक्षक स्वामी,
अंतर्यामी और अविनाशी।
जो कोई जपे तुम्हारा नाम,
हो जाते उसके सब काम।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके दुख हरने वाले,
सुख शांति के देने वाले।
जो कोई करे तुम्हारा ध्यान,
पाता है वह मोक्ष महान।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके भाग्य विधाता,
सुख दुख के हो तुम दाता।
जो कोई शरण तुम्हारी आवे,
सब कष्टों से मुक्ति पावे।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके रक्षक स्वामी,
अंतर्यामी और अविनाशी।
जो कोई जपे तुम्हारा नाम,
हो जाते उसके सब काम।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके दुख हरने वाले,
सुख शांति के देने वाले।
जो कोई करे तुम्हारा ध्यान,
पाता है वह मोक्ष महान।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके भाग्य विधाता,
सुख दुख के हो तुम दाता।
जो कोई शरण तुम्हारी आवे,
सब कष्टों से मुक्ति पावे।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके रक्षक स्वामी,
अंतर्यामी और अविनाशी।
जो कोई जपे तुम्हारा नाम,
हो जाते उसके सब काम।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके दुख हरने वाले,
सुख शांति के देने वाले।
जो कोई करे तुम्हारा ध्यान,
पाता है वह मोक्ष महान।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके भाग्य विधाता,
सुख दुख के हो तुम दाता।
जो कोई शरण तुम्हारी आवे,
सब कष्टों से मुक्ति पावे।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके रक्षक स्वामी,
अंतर्यामी और अविनाशी।
जो कोई जपे तुम्हारा नाम,
हो जाते उसके सब काम।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके दुख हरने वाले,
सुख शांति के देने वाले।
जो कोई करे तुम्हारा ध्यान,
पाता है वह मोक्ष महान।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके भाग्य विधाता,
सुख दुख के हो तुम दाता।
जो कोई शरण तुम्हारी आवे,
सब कष्टों से मुक्ति पावे।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके रक्षक स्वामी,
अंतर्यामी और अविनाशी।
जो कोई जपे तुम्हारा नाम,
हो जाते उसके सब काम।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके दुख हरने वाले,
सुख शांति के देने वाले।
जो कोई करे तुम्हारा ध्यान,
पाता है वह मोक्ष महान।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके भाग्य विधाता,
सुख दुख के हो तुम दाता।
जो कोई शरण तुम्हारी आवे,
सब कष्टों से मुक्ति पावे।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके रक्षक स्वामी,
अंतर्यामी और अविनाशी।
जो कोई जपे तुम्हारा नाम,
हो जाते उसके सब काम।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
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तुम हो सबके दुख हरने वाले,
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पाता है वह मोक्ष महान।।
शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
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शनिदेव महाराज, शनिदेव महाराज।
करहु कृपा हम पर लखि आज।।
तुम हो सबके दुख हरने वाले,
सुख शांति के देने वाले।
जो कोई करे तुम्हारा ध्यान,
पाता है वह मोक्ष महान।।<
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