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ॐ बृं बृहस्पतये नमः
देवता: गुरु (बृहस्पति) ग्रह
आज का मंत्र
अर्थ
ज्ञान और सौभाग्य के कारक ग्रह गुरु को नमस्कार है।
जप का लाभ
ज्ञान, धन और सौभाग्य में वृद्धि होती है।
इस मंत्र का 108 बार जाप करें — मन शांत, जीवन में शुभ फल की प्राप्ति होगी
WhatsApp पर शेयर करें📿 जाप विधि
- 1सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें और शांत, पवित्र स्थान पर गुरु (बृहस्पति) ग्रह का ध्यान करते हुए बैठें।
- 2पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करें और गुरु (बृहस्पति) ग्रह को फूल अर्पित करें।
- 3रुद्राक्ष या तुलसी की माला से «ॐ बृं बृहस्पतये नमः» मंत्र का 108 बार (एक माला) जाप करें।
- 4मन को एकाग्र रखते हुए, गुरु (बृहस्पति) ग्रह के प्रति श्रद्धा और भक्ति भाव से उच्चारण करें।
- 5नियमित रूप से रोज़ जाप करने से गुरु (बृहस्पति) ग्रह की कृपा शीघ्र प्राप्त होती है।