गीता जयंती” एक महत्वपूर्ण पर्व है जो हिन्दू धर्म में भगवद् गीता के महत्वपूर्ण सन्देशों की महिमा को मनाता है। यह …
संतोषी माता व्रत और कथा का पालन भारत में बड़ी श्रद्धा और विश्वास के साथ किया जाता है। यह …
गीता जयंती” एक महत्वपूर्ण पर्व है जो हिन्दू धर्म में भगवद् गीता के महत्वपूर्ण सन्देशों की महिमा को मनाता है। यह …
शीतला सातम, जिसे शीतला सप्तमी भी कहा जाता है, हिन्दू धर्म में एक महत्वपूर्ण व्रत है जो भाद्रपद मास की कृष्ण …
संतोषी माता व्रत और कथा का पालन भारत में बड़ी श्रद्धा और विश्वास के साथ किया जाता है। यह …
अर्जुन उवाच: सन्यासं कर्मणां कृष्ण पुनर्योगं च शंससि । यच्छ्रेय एतयोरेकं तन्मे ब्रूहि सुनिश्चितम् ॥ अर्जुन बोले- हे कृष्ण! …
भगवद गीता का चौथा अध्याय “ज्ञान कर्म संन्यास योग” है। इसमें श्री कृष्ण ने आत्मज्ञान, निष्काम कर्म और दिव्य …
भगवद गीता का तीसरा अध्याय “कर्म योग” पर आधारित है, जिसमें श्री कृष्ण ने कर्म करने, बिना फल की …
सञ्जय उवाच: तं तथा कृपयाविष्टमश्रुपूर्णाकुलेक्षणम् । विषीदन्तमिदं वाक्यमुवाच मधुसूदनः ।। संजय बोले- उस प्रकार करुणासे व्याप्त और आँसुओंसे पूर्ण …
खाटू श्याम की आरती एक प्रसिद्ध हिंदी आरती है जो खाटू श्याम जी की पूजा में उतारी जाती है। …
मीराबाई का जीवन संगीत, भक्ति और साधना की उच्च श्रेणी को प्रतिनिधित्व करता है। वे राजपूतानी सम्राट भोज राजा …
पुरुषोत्तम मास, जिसे मलमास के नाम से जाना जाता था, श्रीकृष्ण के वरदान से विशेष महत्व प्राप्त करता है। …
नैमिषारण्य में ऋषियों का यज्ञ हेतु संगम, सूतजी और शुकदेवजी का स्वागत, उनकी दिव्यता, भक्ति, ज्ञान और तीर्थयात्रा के …
सूतजी ने ऋषियों को नारायण द्वारा नारद को सुनाई गई पुरुषोत्तम मास की महिमा बताई। यह मास भगवान के …
अधिमास, निंदित और असहाय होकर भगवान विष्णु की शरण में गया। उसने अपनी व्यथा सुनाई, और भगवान ने उसे …
अधिमास, शरणागत होकर भगवान विष्णु से अपने तिरस्कार और कष्ट की व्यथा कहता है। करुणा से द्रवित भगवान विष्णु …