3 जुलाई 2026 का पंचांग
3 जुलाई 2026 की तिथि — तृतीया
कृष्ण पक्ष
3 जुलाई 2026 • शुक्रवार • ज्येष्ठ मास
आज 3 जुलाई 2026 (शुक्रवार) को तृतीया, कृष्ण पक्ष है। चंद्रमा श्रवण नक्षत्र में है, योग विष्कुम्भ और करण विष्टि है। यह ज्येष्ठ मास, विक्रम संवत 2083 की तिथि है।
हिंदू पंचांग में तिथि सबसे महत्वपूर्ण अंग है। व्रत, उपवास, पूजा, मांगलिक कार्य और त्योहार — सब तिथि के अनुसार निर्धारित होते हैं। चंद्रमा और सूर्य के बीच 12 अंश के अंतर को एक तिथि कहते हैं।
⏰ महत्वपूर्ण समय
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तिथि प्रारंभ
09:52 AM
तिथि समाप्ति
09:05 AM
सूर्योदय
05:28 AM
चंद्रोदय
07:33 PM
आज का विशेष मंत्र
तृतीया — माँ उमा
ॐ उमायै नमः
इस मंत्र का 108 बार जाप करें — मन शांत, जीवन में शुभ फल की प्राप्ति होगी
आज का पूरा पंचांग विवरण
🌗 तृतीया तिथि का महत्व
अधिष्ठाता देव
माँ गौरी
कृष्ण तृतीया सौभाग्य की तिथि है। माँ गौरी की उपासना से घर में सुख-शांति और सौभाग्य बना रहता है।
🙏 व्रत / पर्व
अखा तीज (वैशाख शुक्ल, विशेष)
✅ आज क्या करें
पूजा-अर्चना, दान, माँ पार्वती स्तुति
⚠️ आज से बचें
झगड़ा, कठोर वाणी
📅 3 जुलाई 2026 से 15 दिनों की तिथियां
| दिनांक | वार | तिथि |
|---|---|---|
| 3 जुलाई 2026चुना | शुक्रवार | 🌗 तृतीया |
| 4 जुलाई 2026 | शनिवार | 🌗 चतुर्थीविशेष |
| 5 जुलाई 2026 | रविवार | 🌘 पंचमी |
| 6 जुलाई 2026 | सोमवार | 🌘 षष्ठी |
| 7 जुलाई 2026 | मंगलवार | 🌘 सप्तमी |
| 8 जुलाई 2026 | बुधवार | 🌘 अष्टमी |
| 9 जुलाई 2026 | गुरुवार | 🌘 नवमी |
| 10 जुलाई 2026 | शुक्रवार | 🌒 दशमी |
| 11 जुलाई 2026 | शनिवार | 🌒 द्वादशी |
| 12 जुलाई 2026 | रविवार | 🌒 त्रयोदशी |
| 13 जुलाई 2026 | सोमवार | 🌒 चतुर्दशी |
| 14 जुलाई 2026 | मंगलवार | 🌑 अमावस्याअमावस्या |
| 15 जुलाई 2026 | बुधवार | 🌒 प्रतिपदा |
| 16 जुलाई 2026 | गुरुवार | 🌒 द्वितीया |
| 17 जुलाई 2026 | शुक्रवार | 🌓 तृतीया |
🌙 30 तिथियों का परिचय
☀️ शुक्ल पक्ष (1–15)
🌑 कृष्ण पक्ष (1–15)
📖 आज की तिथि के बारे में
🌙 तिथि क्या है?
एक चंद्र मास में 30 तिथियाँ होती हैं — 15 शुक्ल पक्ष में (चंद्रमा बढ़ता है) और 15 कृष्ण पक्ष में (चंद्रमा घटता है)। शुक्ल पक्ष प्रतिपदा से पूर्णिमा तक और कृष्ण पक्ष प्रतिपदा से अमावस्या तक होता है। प्रत्येक तिथि का अपना स्वामी देवता और विशेष महत्व होता है।
🙏 तिथि देखना क्यों ज़रूरी है?
कोई भी शुभ कार्य — विवाह, गृहप्रवेश, व्रत, मुंडन — सही तिथि पर करने से शुभ फल मिलता है। एकादशी, पूर्णिमा, अमावस्या जैसी तिथियाँ विशेष पुण्यदायी मानी जाती हैं। इसलिए प्रतिदिन की तिथि जानना हर हिंदू के लिए उपयोगी है।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पूरा पंचांग देखें
शुभ मुहूर्त, चोघड़िया, राशिफल और ग्रह स्थिति की पूरी जानकारी के लिए