वराह अवतार कथा – अध्याय 5: पुनर्स्थापन और शान्ति
वराह अवतार कथा का अध्याय 5 — पुनर्स्थापन और शान्ति। पृथ्वी की पुनर्स्थापना होती है, देवता प्रसन्न होते हैं और वराह अवतार की महिमा का गान करते हैं, जिससे धर्म की स्थापना होती है।
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वराह अवतार कथा का अध्याय 5 — पुनर्स्थापन और शान्ति। पृथ्वी की पुनर्स्थापना होती है, देवता प्रसन्न होते हैं और वराह अवतार की महिमा का गान करते हैं, जिससे धर्म की स्थापना होती है।
वराह अवतार कथा का अध्याय 4 — बुराई पर विजय। भयंकर युद्ध में वराह भगवान हिरण्याक्ष का वध करते हैं और पृथ्वी को अपने दाँतों पर धारण कर ऊपर लाते हैं।
वराह अवतार कथा का अध्याय 3 — पृथ्वी का उद्धार। वराह भगवान रसातल में प्रवेश करते हैं और अपनी शक्ति से हिरण्याक्ष को चुनौती देते हैं।
वराह अवतार कथा का अध्याय 2 — प्रार्थना और प्राकट्य। ब्रह्माजी की प्रार्थना सुनकर भगवान विष्णु वराह रूप में प्रकट होते हैं, जो सभी को आश्चर्यचकित कर देता है।
वराह अवतार कथा का अध्याय 1 — अवतीर्ण का आरम्भ। हिरण्याक्ष का अत्याचार और पृथ्वी का रसातल में जाना, ब्रह्मा जी की चिंता और विष्णु भगवान की स्तुति का वर्णन है।