
Govardhan Puja 2026: Annakut Bhog, Puja Vidhi & Indra Man-Mardan Katha
कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को 'गोवर्धन पूजा' एवं 'अन्नकूट महोत्सव' मनाया जाता है। श्रीमद्भागवत महापुराण के अनुसार, द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण ने देवराज इंद्र के मिथ्या अहंकार का मान-मर्दन करने और ब्रजवासियों को प्रकृति (पर्वत, वृक्ष, गाय एवं जल) की प्रत्यक्ष पूजा की ओर उन्मुख करने के लिए अपनी कनिष्ठिका (छोटी) उंगली पर विशाल गोवर्धन पर्वत को 7 दिनों तक उठाए रखा था। इस पावन अवसर पर घर के आंगन में गाय के गोबर से गिरिराज गोवर्धन की आकृति बनाकर पूजा की जाती है और भगवान को विविध प्रकार के अन्न, शाक व मिष्ठान्न से युक्त 'अन्नकूट' व '56 भोग' अर्पित किए जाते हैं।

