11 अगस्त 2026 की तिथि – चतुर्दशी कृष्ण पक्ष | हिंदू पंचांग - Tilak Kathayein

11 अगस्त 2026 का पंचांग

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11 अगस्त 2026 की तिथिचतुर्दशी

कृष्ण पक्ष

11 अगस्त 2026मंगलवारश्रावण मास

आज 11 अगस्त 2026 (मंगलवार) को चतुर्दशी, कृष्ण पक्ष है। चंद्रमा पुनर्वसु नक्षत्र में है, योग सिद्धि और करण विष्टि है। यह श्रावण मास, विक्रम संवत 2083 की तिथि है।

हिंदू पंचांग में तिथि सबसे महत्वपूर्ण अंग है। व्रत, उपवास, पूजा, मांगलिक कार्य और त्योहार — सब तिथि के अनुसार निर्धारित होते हैं। चंद्रमा और सूर्य के बीच 12 अंश के अंतर को एक तिथि कहते हैं।

महत्वपूर्ण समय

⏳ लोकेशन खोज रहे हैं...

🌙

तिथि प्रारंभ

04:57 AM

🌙

तिथि समाप्ति

01:55 AM

🌅

सूर्योदय

05:48 AM

🌙

चंद्रोदय

01:58 AM

🕉

आज का विशेष मंत्र

चतुर्दशीमहाकाल

ॐ महाकालाय नमः

इस मंत्र का 108 बार जाप करें — मन शांत, जीवन में शुभ फल की प्राप्ति होगी

आज का पूरा पंचांग विवरण

🌙
तिथि
चतुर्दशी (कृष्ण पक्ष)
📅
मास
श्रावण मास
🗓️
संवत्
वि.सं. 2083
📿
वार
मंगलवार
नक्षत्र
पुनर्वसु
🌿
योग
सिद्धि
🔁
करण
विष्टि
🌙
चंद्र राशि
कर्क
☀️
सूर्य राशि
कर्क
🌟
नक्षत्र देवता
अदिति

🌒 चतुर्दशी तिथि का महत्व

🌒

अधिष्ठाता देव

भगवान शिव (महाकाल)

कृष्ण चतुर्दशी मासिक शिवरात्रि है। रात्रि जागरण और शिव उपासना से पापों का नाश तथा मोक्ष की प्राप्ति होती है।

🙏 व्रत / पर्व

मासिक शिवरात्रि

✅ आज क्या करें

रात्रि जागरण, शिवलिंग अभिषेक, महामृत्युंजय जाप

⚠️ आज से बचें

मांसाहार, मदिरा

📅 11 अगस्त 2026 से 15 दिनों की तिथियां

दिनांकवारतिथि
11 अगस्त 2026चुनामंगलवार🌒 चतुर्दशी
12 अगस्त 2026बुधवार🌑 अमावस्याअमावस्या
13 अगस्त 2026गुरुवार🌒 प्रतिपदा
14 अगस्त 2026शुक्रवार🌒 द्वितीया
15 अगस्त 2026शनिवार🌓 तृतीया
16 अगस्त 2026रविवार🌓 चतुर्थीविशेष
17 अगस्त 2026सोमवार🌔 पंचमी
18 अगस्त 2026मंगलवार🌔 षष्ठी
19 अगस्त 2026बुधवार🌔 सप्तमी
20 अगस्त 2026गुरुवार🌕 अष्टमी
21 अगस्त 2026शुक्रवार🌕 नवमी
22 अगस्त 2026शनिवार🌖 दशमी
23 अगस्त 2026रविवार🌖 एकादशीएकादशी
24 अगस्त 2026सोमवार🌖 द्वादशी
25 अगस्त 2026मंगलवार🌖 द्वादशी

🌙 30 तिथियों का परिचय

☀️ शुक्ल पक्ष (1–15)

🌒1. प्रतिपदा
🌒2. द्वितीया
🌓3. तृतीया
🌓4. चतुर्थी
🌔5. पंचमी
🌔6. षष्ठी
🌔7. सप्तमी
🌕8. अष्टमी
🌕9. नवमी
🌕10. दशमी
🌖11. एकादशी
🌖12. द्वादशी
🌗13. त्रयोदशी
🌘14. चतुर्दशी
🌕15. पूर्णिमा

🌑 कृष्ण पक्ष (1–15)

🌖1. प्रतिपदा
🌗2. द्वितीया
🌗3. तृतीया
🌗4. चतुर्थी
🌘5. पंचमी
🌘6. षष्ठी
🌘7. सप्तमी
🌑8. अष्टमी
🌑9. नवमी
🌑10. दशमी
🌑11. एकादशी
🌒12. द्वादशी
🌒13. त्रयोदशी
🌒14. चतुर्दशीचुना
🌑15. अमावस्या

📖 आज की तिथि के बारे में

🌙 तिथि क्या है?

एक चंद्र मास में 30 तिथियाँ होती हैं — 15 शुक्ल पक्ष में (चंद्रमा बढ़ता है) और 15 कृष्ण पक्ष में (चंद्रमा घटता है)। शुक्ल पक्ष प्रतिपदा से पूर्णिमा तक और कृष्ण पक्ष प्रतिपदा से अमावस्या तक होता है। प्रत्येक तिथि का अपना स्वामी देवता और विशेष महत्व होता है।

🙏 तिथि देखना क्यों ज़रूरी है?

कोई भी शुभ कार्य — विवाह, गृहप्रवेश, व्रत, मुंडन — सही तिथि पर करने से शुभ फल मिलता है। एकादशी, पूर्णिमा, अमावस्या जैसी तिथियाँ विशेष पुण्यदायी मानी जाती हैं। इसलिए प्रतिदिन की तिथि जानना हर हिंदू के लिए उपयोगी है।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

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पूरा पंचांग देखें

शुभ मुहूर्त, चोघड़िया, राशिफल और ग्रह स्थिति की पूरी जानकारी के लिए