28 जून 2026 की तिथि – चतुर्दशी शुक्ल पक्ष | हिंदू पंचांग - Tilak Kathayein

28 जून 2026 का पंचांग

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28 जून 2026 की तिथिचतुर्दशी

शुक्ल पक्ष

28 जून 2026रविवारज्येष्ठ मास

आज 28 जून 2026 (रविवार) को चतुर्दशी, शुक्ल पक्ष है। चंद्रमा ज्येष्ठा नक्षत्र में है, योग शुभ और करण गर है। यह ज्येष्ठ मास, विक्रम संवत 2083 की तिथि है।

हिंदू पंचांग में तिथि सबसे महत्वपूर्ण अंग है। व्रत, उपवास, पूजा, मांगलिक कार्य और त्योहार — सब तिथि के अनुसार निर्धारित होते हैं। चंद्रमा और सूर्य के बीच 12 अंश के अंतर को एक तिथि कहते हैं।

महत्वपूर्ण समय

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🌙

तिथि प्रारंभ

12:47 AM

🌙

तिथि समाप्ति

03:10 AM

🌅

सूर्योदय

05:26 AM

🌙

चंद्रोदय

03:14 PM

🕉

आज का विशेष मंत्र

चतुर्दशीमहाकाल

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्

इस मंत्र का 108 बार जाप करें — मन शांत, जीवन में शुभ फल की प्राप्ति होगी

आज का पूरा पंचांग विवरण

🌙
तिथि
चतुर्दशी (शुक्ल पक्ष)
📅
मास
ज्येष्ठ मास
🗓️
संवत्
वि.सं. 2083
📿
वार
रविवार
नक्षत्र
ज्येष्ठा
🌿
योग
शुभ
🔁
करण
गर
🌙
चंद्र राशि
वृश्चिक
☀️
सूर्य राशि
मिथुन
🌟
नक्षत्र देवता
इंद्र

🌘 चतुर्दशी तिथि का महत्व

🌘

अधिष्ठाता देव

भगवान शिव (महाकाल)

चतुर्दशी मासिक शिवरात्रि की तिथि है। भगवान शिव की आराधना से पापों का नाश और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

🙏 व्रत / पर्व

मासिक शिवरात्रि, महाशिवरात्रि (फाल्गुन)

✅ आज क्या करें

शिवलिंग अभिषेक, रात्रि जागरण, महामृत्युंजय जाप, बेलपत्र अर्पण

⚠️ आज से बचें

मांसाहार, मदिरा, तामसिक भोजन

📅 28 जून 2026 से 15 दिनों की तिथियां

दिनांकवारतिथि
28 जून 2026चुनारविवार🌖 चतुर्दशी
29 जून 2026सोमवार🌕 पूर्णिमापूर्णिमा
30 जून 2026मंगलवार🌗 प्रतिपदा
1 जुलाई 2026बुधवार🌗 प्रतिपदा
2 जुलाई 2026गुरुवार🌗 द्वितीया
3 जुलाई 2026शुक्रवार🌗 तृतीया
4 जुलाई 2026शनिवार🌗 चतुर्थीविशेष
5 जुलाई 2026रविवार🌘 पंचमी
6 जुलाई 2026सोमवार🌘 षष्ठी
7 जुलाई 2026मंगलवार🌘 सप्तमी
8 जुलाई 2026बुधवार🌘 अष्टमी
9 जुलाई 2026गुरुवार🌘 नवमी
10 जुलाई 2026शुक्रवार🌒 दशमी
11 जुलाई 2026शनिवार🌒 द्वादशी
12 जुलाई 2026रविवार🌒 त्रयोदशी

🌙 30 तिथियों का परिचय

☀️ शुक्ल पक्ष (1–15)

🌒1. प्रतिपदा
🌒2. द्वितीया
🌓3. तृतीया
🌓4. चतुर्थी
🌔5. पंचमी
🌔6. षष्ठी
🌔7. सप्तमी
🌕8. अष्टमी
🌕9. नवमी
🌕10. दशमी
🌖11. एकादशी
🌖12. द्वादशी
🌗13. त्रयोदशी
🌘14. चतुर्दशीचुना
🌕15. पूर्णिमा

🌑 कृष्ण पक्ष (1–15)

🌖1. प्रतिपदा
🌗2. द्वितीया
🌗3. तृतीया
🌗4. चतुर्थी
🌘5. पंचमी
🌘6. षष्ठी
🌘7. सप्तमी
🌑8. अष्टमी
🌑9. नवमी
🌑10. दशमी
🌑11. एकादशी
🌒12. द्वादशी
🌒13. त्रयोदशी
🌒14. चतुर्दशी
🌑15. अमावस्या

📖 आज की तिथि के बारे में

🌙 तिथि क्या है?

एक चंद्र मास में 30 तिथियाँ होती हैं — 15 शुक्ल पक्ष में (चंद्रमा बढ़ता है) और 15 कृष्ण पक्ष में (चंद्रमा घटता है)। शुक्ल पक्ष प्रतिपदा से पूर्णिमा तक और कृष्ण पक्ष प्रतिपदा से अमावस्या तक होता है। प्रत्येक तिथि का अपना स्वामी देवता और विशेष महत्व होता है।

🙏 तिथि देखना क्यों ज़रूरी है?

कोई भी शुभ कार्य — विवाह, गृहप्रवेश, व्रत, मुंडन — सही तिथि पर करने से शुभ फल मिलता है। एकादशी, पूर्णिमा, अमावस्या जैसी तिथियाँ विशेष पुण्यदायी मानी जाती हैं। इसलिए प्रतिदिन की तिथि जानना हर हिंदू के लिए उपयोगी है।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

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पूरा पंचांग देखें

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