23 मई 2026 की तिथि – अष्टमी शुक्ल पक्ष | हिंदू पंचांग - Tilak Kathayein

23 मई 2026 का पंचांग

🌕

23 मई 2026 की तिथिअष्टमी

शुक्ल पक्ष

23 मई 2026शनिवारज्येष्ठ मास

आज 23 मई 2026 (शनिवार) को अष्टमी, शुक्ल पक्ष है। चंद्रमा मघा नक्षत्र में है, योग ध्रुव और करण विष्टि है। यह ज्येष्ठ मास, विक्रम संवत 2083 की तिथि है।

हिंदू पंचांग में तिथि सबसे महत्वपूर्ण अंग है। व्रत, उपवास, पूजा, मांगलिक कार्य और त्योहार — सब तिथि के अनुसार निर्धारित होते हैं। चंद्रमा और सूर्य के बीच 12 अंश के अंतर को एक तिथि कहते हैं।

महत्वपूर्ण समय

⏳ लोकेशन खोज रहे हैं...

🌙

तिथि प्रारंभ

05:04 AM

🌙

तिथि समाप्ति

04:19 AM

🌅

सूर्योदय

05:27 AM

🌙

चंद्रोदय

09:57 AM

🕉

आज का विशेष मंत्र

अष्टमीमाँ दुर्गा

ॐ दुं दुर्गायै नमः

इस मंत्र का 108 बार जाप करें — मन शांत, जीवन में शुभ फल की प्राप्ति होगी

आज का पूरा पंचांग विवरण

🌙
तिथि
अष्टमी (शुक्ल पक्ष)
📅
मास
ज्येष्ठ मास
🗓️
संवत्
वि.सं. 2083
📿
वार
शनिवार
नक्षत्र
मघा
🌿
योग
ध्रुव
🔁
करण
विष्टि
🌙
चंद्र राशि
सिंह
☀️
सूर्य राशि
वृष
🌟
नक्षत्र देवता
पितर

🌕 अष्टमी तिथि का महत्व

🌕

अधिष्ठाता देव

माँ दुर्गा (भवानी)

अष्टमी माँ दुर्गा की तिथि है। इस दिन दुर्गा पूजा से शत्रुओं पर विजय, सुख-समृद्धि और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा होती है।

🙏 व्रत / पर्व

मासिक दुर्गाष्टमी, जन्माष्टमी (कृष्ण अष्टमी)

✅ आज क्या करें

दुर्गा माँ की पूजा, दुर्गा चालीसा, कन्या पूजन, दुर्गा सप्तशती

⚠️ आज से बचें

मांसाहार, व्यसन, झूठ

📅 23 मई 2026 से 15 दिनों की तिथियां

दिनांकवारतिथि
23 मई 2026चुनाशनिवार🌕 अष्टमी
24 मई 2026रविवार🌕 नवमी
25 मई 2026सोमवार🌖 दशमी
26 मई 2026मंगलवार🌖 एकादशीएकादशी
27 मई 2026बुधवार🌖 एकादशीएकादशी
28 मई 2026गुरुवार🌖 द्वादशी
29 मई 2026शुक्रवार🌖 त्रयोदशी
30 मई 2026शनिवार🌖 चतुर्दशी
31 मई 2026रविवार🌕 पूर्णिमापूर्णिमा
1 जून 2026सोमवार🌗 प्रतिपदा
2 जून 2026मंगलवार🌗 द्वितीया
3 जून 2026बुधवार🌗 तृतीया
4 जून 2026गुरुवार🌗 चतुर्थीविशेष
5 जून 2026शुक्रवार🌘 पंचमी
6 जून 2026शनिवार🌘 षष्ठी

🌙 30 तिथियों का परिचय

☀️ शुक्ल पक्ष (1–15)

🌒1. प्रतिपदा
🌒2. द्वितीया
🌓3. तृतीया
🌓4. चतुर्थी
🌔5. पंचमी
🌔6. षष्ठी
🌔7. सप्तमी
🌕8. अष्टमीचुना
🌕9. नवमी
🌕10. दशमी
🌖11. एकादशी
🌖12. द्वादशी
🌗13. त्रयोदशी
🌘14. चतुर्दशी
🌕15. पूर्णिमा

🌑 कृष्ण पक्ष (1–15)

🌖1. प्रतिपदा
🌗2. द्वितीया
🌗3. तृतीया
🌗4. चतुर्थी
🌘5. पंचमी
🌘6. षष्ठी
🌘7. सप्तमी
🌑8. अष्टमी
🌑9. नवमी
🌑10. दशमी
🌑11. एकादशी
🌒12. द्वादशी
🌒13. त्रयोदशी
🌒14. चतुर्दशी
🌑15. अमावस्या

📖 आज की तिथि के बारे में

🌙 तिथि क्या है?

एक चंद्र मास में 30 तिथियाँ होती हैं — 15 शुक्ल पक्ष में (चंद्रमा बढ़ता है) और 15 कृष्ण पक्ष में (चंद्रमा घटता है)। शुक्ल पक्ष प्रतिपदा से पूर्णिमा तक और कृष्ण पक्ष प्रतिपदा से अमावस्या तक होता है। प्रत्येक तिथि का अपना स्वामी देवता और विशेष महत्व होता है।

🙏 तिथि देखना क्यों ज़रूरी है?

कोई भी शुभ कार्य — विवाह, गृहप्रवेश, व्रत, मुंडन — सही तिथि पर करने से शुभ फल मिलता है। एकादशी, पूर्णिमा, अमावस्या जैसी तिथियाँ विशेष पुण्यदायी मानी जाती हैं। इसलिए प्रतिदिन की तिथि जानना हर हिंदू के लिए उपयोगी है।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

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पूरा पंचांग देखें

शुभ मुहूर्त, चोघड़िया, राशिफल और ग्रह स्थिति की पूरी जानकारी के लिए