7 अगस्त 2026 का पंचांग – नवमी कृष्ण पक्ष | शुभ मुहूर्त और राशिफल - Tilak Kathayein
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7 अगस्त 2026 का पंचांग

नवमी | कृष्ण पक्ष | श्रावण

🌙
तिथि
नवमी
नक्षत्र
कृत्तिका
🌿
योग
वृद्धि
📿
करण
गर
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🌅 06:00 AM   🌇 07:06 PM

📅 पंचांग7 अगस्त 2026

तिथिनवमी (कृष्ण पक्ष)
मासश्रावण (वि.सं. 2083)
वारशुक्रवार
नक्षत्रकृत्तिका (अग्नि)
योगवृद्धि
करणगर
चंद्र राशिवृष
सूर्य राशिकर्क
🌅 सूर्योदय06:00 AM
🌇 सूर्यास्त07:06 PM

🪐 ग्रह दशा7 अगस्त 2026

☀️सूर्यकर्क20.3°
🌙चंद्रवृष2.4°
मंगलमेष22°
बुधमेष23.5°
गुरुकर्क7.3°
शुक्रधनु1.7°
शनिमीन20.5°
राहुकुंभ6.4°
केतुसिंह6.4°

🕉 ॐ तत्सत् — हरि ॐ तत्सत् 🕉

सभी को शुक्रवार की हार्दिक शुभकामनाएं


🌑

🌙 आज की तिथि का महत्व

नवमी · कृष्ण पक्ष

🙏
व्रत / पर्व: नवमी श्राद्ध, पितृ तर्पण

कृष्ण नवमी पितृ पक्ष में विशेष श्राद्ध तिथि है। पूर्वजों का तर्पण करने से परिवार में सुख-शांति आती है।

✅ आज क्या करें

पितृ श्राद्ध, ब्राह्मण भोजन, दान

⚠️ आज से बचें

शोक में डूबे रहना

⭐ आज का नक्षत्र: कृत्तिका

देवता: अग्नि

कृत्तिका अग्नि और शुद्धि का नक्षत्र है। धार्मिक अनुष्ठान अत्यंत फलदायी होते हैं।

✅ आज क्या करें

हवन, यज्ञ, साहसिक कार्य

⚠️ आज से बचें

शांतिपूर्ण बातचीत

📖 पंचांग क्या है और इसका महत्व

पंचांग एक प्राचीन हिंदू कालगणना पद्धति है जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित है। "पंचांग" शब्द संस्कृत के दो शब्दों से बना है — पंच अर्थात् पाँच, और अंग अर्थात् भाग। इस प्रकार पंचांग के पाँच मुख्य अंग होते हैं: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण।

हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य — चाहे विवाह हो, गृहप्रवेश हो, व्यापार का आरंभ हो या लंबी यात्रा — पंचांग देखकर ही शुभ मुहूर्त निकाला जाता है। पंचांग केवल धार्मिक कार्यों के लिए नहीं, बल्कि कृषि, मौसम-परिवर्तन और व्यक्तिगत जीवन के महत्वपूर्ण निर्णयों में भी सहायक है।

🕉 पंचांग के पाँच अंग

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१. तिथि

चंद्रमा और सूर्य के बीच के कोणीय अंतर को तिथि कहते हैं। 30 तिथियाँ होती हैं — 15 शुक्ल पक्ष में और 15 कृष्ण पक्ष में। व्रत, पूजा और शुभ कार्यों के लिए सही तिथि जानना अत्यंत आवश्यक है।

आज: नवमी (कृष्ण पक्ष)
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२. वार

सप्ताह के सात दिन सात ग्रहों के नाम पर हैं। सोमवार (चंद्र), मंगलवार (मंगल), बुधवार (बुध), गुरुवार (गुरु), शुक्रवार (शुक्र), शनिवार (शनि), रविवार (सूर्य)।

आज: शुक्रवार
३. नक्षत्र

चंद्रमा प्रतिदिन एक नक्षत्र से दूसरे नक्षत्र में संचरण करता है। 27 नक्षत्र हैं और प्रत्येक का अपना देवता और गुण है।

आज: कृत्तिका
🌿
४. योग

सूर्य और चंद्रमा के देशांतर का योग करने पर जो अंश आते हैं उनसे योग निकाला जाता है। 27 योग होते हैं।

आज: वृद्धि
📿
५. करण

एक तिथि के आधे भाग को करण कहते हैं। 11 करण होते हैं — 4 स्थिर और 7 चर। भद्रा करण में शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।

आज: गर

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न