6 अगस्त 2026 का पंचांग – अष्टमी कृष्ण पक्ष | शुभ मुहूर्त और राशिफल - Tilak Kathayein
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6 अगस्त 2026 का पंचांग

अष्टमी | कृष्ण पक्ष | श्रावण

🌙
तिथि
अष्टमी
नक्षत्र
भरणी
🌿
योग
गण्ड
📿
करण
बालव
शहर चुनें:
🌅 05:59 AM   🌇 07:06 PM

📅 पंचांग6 अगस्त 2026

तिथिअष्टमी (कृष्ण पक्ष)
मासश्रावण (वि.सं. 2083)
वारगुरुवार
नक्षत्रभरणी (यम)
योगगण्ड
करणबालव
चंद्र राशिमेष
सूर्य राशिकर्क
🌅 सूर्योदय05:59 AM
🌇 सूर्यास्त07:06 PM

🪐 ग्रह दशा6 अगस्त 2026

☀️सूर्यकर्क19.4°
🌙चंद्रमेष18.3°
मंगलमेष21.4°
बुधमेष19.4°
गुरुकर्क7.2°
शुक्रधनु0.1°
शनिमीन20.4°
राहुकुंभ6.5°
केतुसिंह6.5°

🕉 ॐ तत्सत् — हरि ॐ तत्सत् 🕉

सभी को गुरुवार की हार्दिक शुभकामनाएं


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🌙 आज की तिथि का महत्व

अष्टमी · कृष्ण पक्ष

🙏
व्रत / पर्व: कालाष्टमी, भैरव अष्टमी

कृष्ण अष्टमी कालाष्टमी है। इस दिन काल भैरव और माँ दुर्गा की उपासना से रक्षा और शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है।

✅ आज क्या करें

दुर्गा पूजा, भैरव पूजा, हनुमान चालीसा, तिल दान

⚠️ आज से बचें

तामसिक भोजन, रात्रि बाहर एकांत घूमना

⭐ आज का नक्षत्र: भरणी

देवता: यम

भरणी कड़ी मेहनत और परिवर्तन का नक्षत्र है। सब्र के साथ किए गए कार्य दीर्घकालिक फल देते हैं।

✅ आज क्या करें

कृषि, परिश्रम, पौधारोपण

⚠️ आज से बचें

शुभ संस्कार, विवाह

📖 पंचांग क्या है और इसका महत्व

पंचांग एक प्राचीन हिंदू कालगणना पद्धति है जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित है। "पंचांग" शब्द संस्कृत के दो शब्दों से बना है — पंच अर्थात् पाँच, और अंग अर्थात् भाग। इस प्रकार पंचांग के पाँच मुख्य अंग होते हैं: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण।

हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य — चाहे विवाह हो, गृहप्रवेश हो, व्यापार का आरंभ हो या लंबी यात्रा — पंचांग देखकर ही शुभ मुहूर्त निकाला जाता है। पंचांग केवल धार्मिक कार्यों के लिए नहीं, बल्कि कृषि, मौसम-परिवर्तन और व्यक्तिगत जीवन के महत्वपूर्ण निर्णयों में भी सहायक है।

🕉 पंचांग के पाँच अंग

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१. तिथि

चंद्रमा और सूर्य के बीच के कोणीय अंतर को तिथि कहते हैं। 30 तिथियाँ होती हैं — 15 शुक्ल पक्ष में और 15 कृष्ण पक्ष में। व्रत, पूजा और शुभ कार्यों के लिए सही तिथि जानना अत्यंत आवश्यक है।

आज: अष्टमी (कृष्ण पक्ष)
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२. वार

सप्ताह के सात दिन सात ग्रहों के नाम पर हैं। सोमवार (चंद्र), मंगलवार (मंगल), बुधवार (बुध), गुरुवार (गुरु), शुक्रवार (शुक्र), शनिवार (शनि), रविवार (सूर्य)।

आज: गुरुवार
३. नक्षत्र

चंद्रमा प्रतिदिन एक नक्षत्र से दूसरे नक्षत्र में संचरण करता है। 27 नक्षत्र हैं और प्रत्येक का अपना देवता और गुण है।

आज: भरणी
🌿
४. योग

सूर्य और चंद्रमा के देशांतर का योग करने पर जो अंश आते हैं उनसे योग निकाला जाता है। 27 योग होते हैं।

आज: गण्ड
📿
५. करण

एक तिथि के आधे भाग को करण कहते हैं। 11 करण होते हैं — 4 स्थिर और 7 चर। भद्रा करण में शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।

आज: बालव

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न