21 जुलाई 2026 का पंचांग – अष्टमी शुक्ल पक्ष | शुभ मुहूर्त और राशिफल - Tilak Kathayein
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21 जुलाई 2026 का पंचांग

अष्टमी | शुक्ल पक्ष | श्रावण

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तिथि
अष्टमी
नक्षत्र
चित्रा
🌿
योग
सिद्ध
📿
करण
विष्टि
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🌅 05:52 AM   🌇 07:14 PM

📅 पंचांग21 जुलाई 2026

तिथिअष्टमी (शुक्ल पक्ष)
मासश्रावण (वि.सं. 2083)
वारमंगलवार
नक्षत्रचित्रा (त्वष्टा)
योगसिद्ध
करणविष्टि
चंद्र राशिकन्या
सूर्य राशिकर्क
🌅 सूर्योदय05:52 AM
🌇 सूर्यास्त07:14 PM

🪐 ग्रह दशा21 जुलाई 2026

☀️सूर्यकर्क4.1°
🌙चंद्रकन्या28.9°
मंगलमेष13.1°
बुधकुंभ13.9°
गुरुकर्क5.9°
शुक्रवृश्चिक4.4°
शनिमीन19.9°
राहुकुंभ7.3°
केतुसिंह7.3°

🕉 ॐ तत्सत् — हरि ॐ तत्सत् 🕉

सभी को मंगलवार की हार्दिक शुभकामनाएं


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🌙 आज की तिथि का महत्व

अष्टमी · शुक्ल पक्ष

🙏
व्रत / पर्व: मासिक दुर्गाष्टमी, जन्माष्टमी (कृष्ण अष्टमी)

अष्टमी माँ दुर्गा की तिथि है। इस दिन दुर्गा पूजा से शत्रुओं पर विजय, सुख-समृद्धि और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा होती है।

✅ आज क्या करें

दुर्गा माँ की पूजा, दुर्गा चालीसा, कन्या पूजन, दुर्गा सप्तशती

⚠️ आज से बचें

मांसाहार, व्यसन, झूठ

⭐ आज का नक्षत्र: चित्रा

देवता: त्वष्टा

चित्रा सृजन और सौंदर्य का नक्षत्र है। रचनात्मक और कलात्मक कार्य उत्कृष्ट होते हैं।

✅ आज क्या करें

कला, वास्तु, गहने, सजावट

📖 पंचांग क्या है और इसका महत्व

पंचांग एक प्राचीन हिंदू कालगणना पद्धति है जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित है। "पंचांग" शब्द संस्कृत के दो शब्दों से बना है — पंच अर्थात् पाँच, और अंग अर्थात् भाग। इस प्रकार पंचांग के पाँच मुख्य अंग होते हैं: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण।

हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य — चाहे विवाह हो, गृहप्रवेश हो, व्यापार का आरंभ हो या लंबी यात्रा — पंचांग देखकर ही शुभ मुहूर्त निकाला जाता है। पंचांग केवल धार्मिक कार्यों के लिए नहीं, बल्कि कृषि, मौसम-परिवर्तन और व्यक्तिगत जीवन के महत्वपूर्ण निर्णयों में भी सहायक है।

🕉 पंचांग के पाँच अंग

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१. तिथि

चंद्रमा और सूर्य के बीच के कोणीय अंतर को तिथि कहते हैं। 30 तिथियाँ होती हैं — 15 शुक्ल पक्ष में और 15 कृष्ण पक्ष में। व्रत, पूजा और शुभ कार्यों के लिए सही तिथि जानना अत्यंत आवश्यक है।

आज: अष्टमी (शुक्ल पक्ष)
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२. वार

सप्ताह के सात दिन सात ग्रहों के नाम पर हैं। सोमवार (चंद्र), मंगलवार (मंगल), बुधवार (बुध), गुरुवार (गुरु), शुक्रवार (शुक्र), शनिवार (शनि), रविवार (सूर्य)।

आज: मंगलवार
३. नक्षत्र

चंद्रमा प्रतिदिन एक नक्षत्र से दूसरे नक्षत्र में संचरण करता है। 27 नक्षत्र हैं और प्रत्येक का अपना देवता और गुण है।

आज: चित्रा
🌿
४. योग

सूर्य और चंद्रमा के देशांतर का योग करने पर जो अंश आते हैं उनसे योग निकाला जाता है। 27 योग होते हैं।

आज: सिद्ध
📿
५. करण

एक तिथि के आधे भाग को करण कहते हैं। 11 करण होते हैं — 4 स्थिर और 7 चर। भद्रा करण में शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।

आज: विष्टि

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न