
भागवद गीता
Chapter 11 : Vishvarupa Darshana Yoga – अध्याय ११: विश्वरूपदर्शनयोग
अर्जुन उवाच मदनुग्रहाय परमं गुह्यमध्यात्मसञ्जितम् । यत्त्वयोक्तं वचस्तेन मोहोऽयं विगतो मम ॥ अर्जुन बोले- मुझपर अनुग्रह करनेके लिये आपने जो परम गोपनीय अध्यात्मविषयक वचन अर्थात् उपदेश कहा, उससे मेरा यह…
08 Feb 202566