12 जुलाई 2026 का पंचांग – त्रयोदशी कृष्ण पक्ष | शुभ मुहूर्त और राशिफल - Tilak Kathayein
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12 जुलाई 2026 का पंचांग

त्रयोदशी | कृष्ण पक्ष | आषाढ़

🌙
तिथि
त्रयोदशी
नक्षत्र
रोहिणी
🌿
योग
वृद्धि
📿
करण
गर
शहर चुनें:
🌅 05:48 AM   🌇 07:16 PM

📅 पंचांग12 जुलाई 2026

तिथित्रयोदशी (कृष्ण पक्ष)
मासआषाढ़ (वि.सं. 2083)
वाररविवार
नक्षत्ररोहिणी (ब्रह्मा)
योगवृद्धि
करणगर
चंद्र राशिवृष
सूर्य राशिमिथुन
🌅 सूर्योदय05:48 AM
🌇 सूर्यास्त07:16 PM

🪐 ग्रह दशा12 जुलाई 2026

☀️सूर्यमिथुन25.5°
🌙चंद्रवृष21.6°
मंगलमेष8.3°
बुधमकर7.1°
गुरुकर्क5.2°
शुक्रतुला20°
शनिमीन19.6°
राहुकुंभ7.8°
केतुसिंह7.8°

🕉 ॐ तत्सत् — हरि ॐ तत्सत् 🕉

सभी को रविवार की हार्दिक शुभकामनाएं


🌒

🌙 आज की तिथि का महत्व

त्रयोदशी · कृष्ण पक्ष

🙏
व्रत / पर्व: प्रदोष व्रत

कृष्ण त्रयोदशी प्रदोष व्रत की तिथि है। शिव-पार्वती की आराधना से संसार के सभी कष्ट दूर होते हैं।

✅ आज क्या करें

शिव पूजा, प्रदोष काल में अभिषेक, बेलपत्र अर्पण

⚠️ आज से बचें

तामसिक भोजन

⭐ आज का नक्षत्र: रोहिणी

देवता: ब्रह्मा

रोहिणी 27 नक्षत्रों में सर्वाधिक शुभ है। समृद्धि, सौंदर्य और सृजन के लिए अत्यंत अनुकूल।

✅ आज क्या करें

विवाह, गृहप्रवेश, व्यापार, कृषि

⚠️ आज से बचें

विवाद, कठोर निर्णय

📖 पंचांग क्या है और इसका महत्व

पंचांग एक प्राचीन हिंदू कालगणना पद्धति है जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित है। "पंचांग" शब्द संस्कृत के दो शब्दों से बना है — पंच अर्थात् पाँच, और अंग अर्थात् भाग। इस प्रकार पंचांग के पाँच मुख्य अंग होते हैं: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण।

हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य — चाहे विवाह हो, गृहप्रवेश हो, व्यापार का आरंभ हो या लंबी यात्रा — पंचांग देखकर ही शुभ मुहूर्त निकाला जाता है। पंचांग केवल धार्मिक कार्यों के लिए नहीं, बल्कि कृषि, मौसम-परिवर्तन और व्यक्तिगत जीवन के महत्वपूर्ण निर्णयों में भी सहायक है।

🕉 पंचांग के पाँच अंग

🌙
१. तिथि

चंद्रमा और सूर्य के बीच के कोणीय अंतर को तिथि कहते हैं। 30 तिथियाँ होती हैं — 15 शुक्ल पक्ष में और 15 कृष्ण पक्ष में। व्रत, पूजा और शुभ कार्यों के लिए सही तिथि जानना अत्यंत आवश्यक है।

आज: त्रयोदशी (कृष्ण पक्ष)
📅
२. वार

सप्ताह के सात दिन सात ग्रहों के नाम पर हैं। सोमवार (चंद्र), मंगलवार (मंगल), बुधवार (बुध), गुरुवार (गुरु), शुक्रवार (शुक्र), शनिवार (शनि), रविवार (सूर्य)।

आज: रविवार
३. नक्षत्र

चंद्रमा प्रतिदिन एक नक्षत्र से दूसरे नक्षत्र में संचरण करता है। 27 नक्षत्र हैं और प्रत्येक का अपना देवता और गुण है।

आज: रोहिणी
🌿
४. योग

सूर्य और चंद्रमा के देशांतर का योग करने पर जो अंश आते हैं उनसे योग निकाला जाता है। 27 योग होते हैं।

आज: वृद्धि
📿
५. करण

एक तिथि के आधे भाग को करण कहते हैं। 11 करण होते हैं — 4 स्थिर और 7 चर। भद्रा करण में शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।

आज: गर

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न