
गरुड़ पुराण – अध्याय 1: गरुड़ के प्रश्न, विष्णु के उत्तर
गरुड़ पुराण का अध्याय 1 — गरुड़ के प्रश्न, विष्णु के उत्तर। गरुड़ भगवान विष्णु से जीवन, मृत्यु, पुनर्जन्म और मोक्ष से संबंधित प्रश्न पूछते हैं, जिससे गरुड़ पुराण की शुरुआत होती है।
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गरुड़ पुराण का अध्याय 1 — गरुड़ के प्रश्न, विष्णु के उत्तर। गरुड़ भगवान विष्णु से जीवन, मृत्यु, पुनर्जन्म और मोक्ष से संबंधित प्रश्न पूछते हैं, जिससे गरुड़ पुराण की शुरुआत होती है।

शिव पुराण का अध्याय 7 — शिव से मोक्ष प्राप्ति का मार्ग। यह अध्याय शिव भक्ति के माध्यम से मोक्ष प्राप्त करने के मार्ग और शिव पुराण के श्रवण के फल का वर्णन करता है।

सुंदरकांड का अध्याय 3 — सीता की खोज। हनुमान अशोक वाटिका में सीता की तलाश करते हैं और रावण के भयावह रूप का अवलोकन करते हैं।

देवी भागवत पुराण का अध्याय 6 — शुम्भ-निशुम्भ की पराजय। देवी कौशिकी चण्ड-मुण्ड और रक्तबीज जैसे असुरों का वध करती हैं और अंत में शुम्भ और निशुम्भ को भी पराजित करती हैं।

शिव पुराण का अध्याय 6 — लिंगम और शिव पूजा का महत्व। यह अध्याय लिंगम के महत्व और शिव की पूजा विधि के बारे में विस्तार से बताता है।

सुंदरकांड का अध्याय 2 — लंका में प्रवेश। हनुमान लंका पहुंचते हैं, लंकिनी से मुठभेड़ करते हैं, और शहर में प्रवेश करते हैं।

देवी भागवत पुराण का अध्याय 5 — कौशिकी का प्राकट्य। देवी पार्वती अपने दिव्य तेज से कौशिकी के रूप में प्रकट होती हैं, जो शुम्भ और निशुम्भ के लिए चुनौती बनती हैं।

रामचरितमानस का अध्याय 7 — उत्तरकाण्ड: राज्याभिषेक व शासन। यह काण्ड राम के अयोध्या लौटने, राज्याभिषेक और आदर्श शासन का वर्णन करता है।

शिव पुराण का अध्याय 5 — शिव और उनके गणों की कथा। यह अध्याय शिव के गणों, जैसे नंदी, वीरभद्र, और भैरव, और उनके पराक्रम की कहानियों का संग्रह है।

सुंदरकांड का अध्याय 1 — हनुमान की विशाल छलांग। जामवंत के प्रोत्साहन से हनुमान लंका की ओर विशाल छलांग लगाते हैं।

देवी भागवत पुराण का अध्याय 4 — शुम्भ-निशुम्भ का शासन। महिषासुर के वध के बाद, शुम्भ और निशुम्भ नामक दो असुरों का अत्याचार देवताओं पर बढ़ता है।

रामचरितमानस का अध्याय 6 — लंकाकाण्ड: युद्ध और विजय। यह काण्ड राम और रावण के बीच युद्ध, रावण के वध और सीता की अग्नि परीक्षा का वर्णन करता है।