14 सितम्बर 2026 का पंचांग

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14 सितम्बर 2026 की तिथितृतीया

शुक्ल पक्ष

14 सितम्बर 2026सोमवारभाद्रपद मास

आज 14 सितम्बर 2026 (सोमवार) को तृतीया, शुक्ल पक्ष है। चंद्रमा चित्रा नक्षत्र में है, योग ब्रह्म और करण गर है। यह भाद्रपद मास, विक्रम संवत 2083 की तिथि है।

हिंदू पंचांग में तिथि सबसे महत्वपूर्ण अंग है। व्रत, उपवास, पूजा, मांगलिक कार्य और त्योहार — सब तिथि के अनुसार निर्धारित होते हैं। चंद्रमा और सूर्य के बीच 12 अंश के अंतर को एक तिथि कहते हैं।

महत्वपूर्ण समय

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🌙

तिथि प्रारंभ

06:43 AM

🌙

तिथि समाप्ति

08:17 PM

🌅

सूर्योदय

06:06 AM

🌙

चंद्रोदय

06:59 AM

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आज का विशेष मंत्र

तृतीयामाँ गौरी

ॐ हीं गौरीशंकराभ्यां नमः

इस मंत्र का 108 बार जाप करें — मन शांत, जीवन में शुभ फल की प्राप्ति होगी

आज का पूरा पंचांग विवरण

🌙
तिथि
तृतीया (शुक्ल पक्ष)
📅
मास
भाद्रपद मास
🗓️
संवत्
वि.सं. 2083
📿
वार
सोमवार
नक्षत्र
चित्रा
🌿
योग
ब्रह्म
🔁
करण
गर
🌙
चंद्र राशि
तुला
☀️
सूर्य राशि
सिंह
🌟
नक्षत्र देवता
त्वष्टा

🌓 तृतीया तिथि का महत्व

🌓

अधिष्ठाता देव

माँ गौरी (पार्वती)

तृतीया माँ गौरी की प्रिय तिथि है। सुहागिन महिलाओं के लिए यह विशेष पुण्यदायी है और सौभाग्य की रक्षा करती है।

🙏 व्रत / पर्व

हरितालिका तीज, गणगौर, सौभाग्य तृतीया

✅ आज क्या करें

माँ पार्वती की पूजा, सुहागिनें व्रत रखें, हरे वस्त्र पहनें

⚠️ आज से बचें

मांसाहार, व्यसन

📅 14 सितम्बर 2026 से 15 दिनों की तिथियां

दिनांकवारतिथि
14 सितम्बर 2026चुनासोमवार🌓 तृतीया
15 सितम्बर 2026मंगलवार🌓 चतुर्थीविशेष
16 सितम्बर 2026बुधवार🌔 पंचमी
17 सितम्बर 2026गुरुवार🌔 षष्ठी
18 सितम्बर 2026शुक्रवार🌔 सप्तमी
19 सितम्बर 2026शनिवार🌕 अष्टमी
20 सितम्बर 2026रविवार🌕 नवमी
21 सितम्बर 2026सोमवार🌖 दशमी
22 सितम्बर 2026मंगलवार🌖 एकादशीएकादशी
23 सितम्बर 2026बुधवार🌖 द्वादशी
24 सितम्बर 2026गुरुवार🌖 त्रयोदशी
25 सितम्बर 2026शुक्रवार🌖 चतुर्दशी
26 सितम्बर 2026शनिवार🌕 पूर्णिमापूर्णिमा
27 सितम्बर 2026रविवार🌗 प्रतिपदा
28 सितम्बर 2026सोमवार🌗 द्वितीया

🌙 30 तिथियों का परिचय

☀️ शुक्ल पक्ष (1–15)

🌒1. प्रतिपदा
🌒2. द्वितीया
🌓3. तृतीयाचुना
🌓4. चतुर्थी
🌔5. पंचमी
🌔6. षष्ठी
🌔7. सप्तमी
🌕8. अष्टमी
🌕9. नवमी
🌕10. दशमी
🌖11. एकादशी
🌖12. द्वादशी
🌗13. त्रयोदशी
🌘14. चतुर्दशी
🌕15. पूर्णिमा

🌑 कृष्ण पक्ष (1–15)

🌖1. प्रतिपदा
🌗2. द्वितीया
🌗3. तृतीया
🌗4. चतुर्थी
🌘5. पंचमी
🌘6. षष्ठी
🌘7. सप्तमी
🌑8. अष्टमी
🌑9. नवमी
🌑10. दशमी
🌑11. एकादशी
🌒12. द्वादशी
🌒13. त्रयोदशी
🌒14. चतुर्दशी
🌑15. अमावस्या

📖 आज की तिथि के बारे में

🌙 तिथि क्या है?

एक चंद्र मास में 30 तिथियाँ होती हैं — 15 शुक्ल पक्ष में (चंद्रमा बढ़ता है) और 15 कृष्ण पक्ष में (चंद्रमा घटता है)। शुक्ल पक्ष प्रतिपदा से पूर्णिमा तक और कृष्ण पक्ष प्रतिपदा से अमावस्या तक होता है। प्रत्येक तिथि का अपना स्वामी देवता और विशेष महत्व होता है।

🙏 तिथि देखना क्यों ज़रूरी है?

कोई भी शुभ कार्य — विवाह, गृहप्रवेश, व्रत, मुंडन — सही तिथि पर करने से शुभ फल मिलता है। एकादशी, पूर्णिमा, अमावस्या जैसी तिथियाँ विशेष पुण्यदायी मानी जाती हैं। इसलिए प्रतिदिन की तिथि जानना हर हिंदू के लिए उपयोगी है।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

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पूरा पंचांग देखें

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