11 जून 2026 की तिथि – एकादशी कृष्ण पक्ष | हिंदू पंचांग - Tilak Kathayein

11 जून 2026 का पंचांग

🌑

11 जून 2026 की तिथिएकादशी

कृष्ण पक्ष

11 जून 2026गुरुवारज्येष्ठ मास

आज 11 जून 2026 (गुरुवार) को एकादशी, कृष्ण पक्ष है। चंद्रमा रेवती नक्षत्र में है, योग शोभन और करण बव है। यह ज्येष्ठ मास, विक्रम संवत 2083 की तिथि है।

हिंदू पंचांग में तिथि सबसे महत्वपूर्ण अंग है। व्रत, उपवास, पूजा, मांगलिक कार्य और त्योहार — सब तिथि के अनुसार निर्धारित होते हैं। चंद्रमा और सूर्य के बीच 12 अंश के अंतर को एक तिथि कहते हैं।

महत्वपूर्ण समय

⏳ लोकेशन खोज रहे हैं...

🌙

तिथि प्रारंभ

01:07 AM

🌙

तिथि समाप्ति

10:44 PM

🌅

सूर्योदय

05:23 AM

🌙

चंद्रोदय

12:49 AM

🕉

आज का विशेष मंत्र

एकादशीभगवान विष्णु

ॐ नमो नारायणाय

इस मंत्र का 108 बार जाप करें — मन शांत, जीवन में शुभ फल की प्राप्ति होगी

आज का पूरा पंचांग विवरण

🌙
तिथि
एकादशी (कृष्ण पक्ष)
📅
मास
ज्येष्ठ मास
🗓️
संवत्
वि.सं. 2083
📿
वार
गुरुवार
नक्षत्र
रेवती
🌿
योग
शोभन
🔁
करण
बव
🌙
चंद्र राशि
मीन
☀️
सूर्य राशि
वृष
🌟
नक्षत्र देवता
पूषा

🌑 एकादशी तिथि का महत्व

🌑

अधिष्ठाता देव

भगवान विष्णु

कृष्ण एकादशी (निर्जला, योगिनी आदि) भी शुक्ल एकादशी के समान ही अत्यंत पुण्यदायी है। भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं।

🙏 व्रत / पर्व

कृष्ण एकादशी व्रत — विष्णु आराधना

✅ आज क्या करें

व्रत रखें, विष्णु सहस्रनाम, तुलसी पूजा, भागवत पाठ

⚠️ आज से बचें

चावल खाना, तामसिक भोजन, झूठ

📅 11 जून 2026 से 15 दिनों की तिथियां

दिनांकवारतिथि
11 जून 2026चुनागुरुवार🌒 एकादशीएकादशी
12 जून 2026शुक्रवार🌒 द्वादशी
13 जून 2026शनिवार🌒 त्रयोदशी
14 जून 2026रविवार🌒 चतुर्दशी
15 जून 2026सोमवार🌑 अमावस्याअमावस्या
16 जून 2026मंगलवार🌒 द्वितीया
17 जून 2026बुधवार🌓 तृतीया
18 जून 2026गुरुवार🌓 चतुर्थीविशेष
19 जून 2026शुक्रवार🌔 पंचमी
20 जून 2026शनिवार🌔 षष्ठी
21 जून 2026रविवार🌔 सप्तमी
22 जून 2026सोमवार🌕 अष्टमी
23 जून 2026मंगलवार🌕 नवमी
24 जून 2026बुधवार🌖 दशमी
25 जून 2026गुरुवार🌖 एकादशीएकादशी

🌙 30 तिथियों का परिचय

☀️ शुक्ल पक्ष (1–15)

🌒1. प्रतिपदा
🌒2. द्वितीया
🌓3. तृतीया
🌓4. चतुर्थी
🌔5. पंचमी
🌔6. षष्ठी
🌔7. सप्तमी
🌕8. अष्टमी
🌕9. नवमी
🌕10. दशमी
🌖11. एकादशी
🌖12. द्वादशी
🌗13. त्रयोदशी
🌘14. चतुर्दशी
🌕15. पूर्णिमा

🌑 कृष्ण पक्ष (1–15)

🌖1. प्रतिपदा
🌗2. द्वितीया
🌗3. तृतीया
🌗4. चतुर्थी
🌘5. पंचमी
🌘6. षष्ठी
🌘7. सप्तमी
🌑8. अष्टमी
🌑9. नवमी
🌑10. दशमी
🌑11. एकादशीचुना
🌒12. द्वादशी
🌒13. त्रयोदशी
🌒14. चतुर्दशी
🌑15. अमावस्या

📖 आज की तिथि के बारे में

🌙 तिथि क्या है?

एक चंद्र मास में 30 तिथियाँ होती हैं — 15 शुक्ल पक्ष में (चंद्रमा बढ़ता है) और 15 कृष्ण पक्ष में (चंद्रमा घटता है)। शुक्ल पक्ष प्रतिपदा से पूर्णिमा तक और कृष्ण पक्ष प्रतिपदा से अमावस्या तक होता है। प्रत्येक तिथि का अपना स्वामी देवता और विशेष महत्व होता है।

🙏 तिथि देखना क्यों ज़रूरी है?

कोई भी शुभ कार्य — विवाह, गृहप्रवेश, व्रत, मुंडन — सही तिथि पर करने से शुभ फल मिलता है। एकादशी, पूर्णिमा, अमावस्या जैसी तिथियाँ विशेष पुण्यदायी मानी जाती हैं। इसलिए प्रतिदिन की तिथि जानना हर हिंदू के लिए उपयोगी है।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

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पूरा पंचांग देखें

शुभ मुहूर्त, चोघड़िया, राशिफल और ग्रह स्थिति की पूरी जानकारी के लिए